असम: मंत्री नंदिता गरलोसा ने छोड़ी भाजपा, कांग्रेस के टिकट पर हाफलोंग से लड़ेंगी चुनाव

असम की राजनीति में चुनाव से पहले एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार की मंत्री नंदिता गरलोसा ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पार्टी के अनुसार, गरलोसा आगामी विधानसभा चुनाव में दीमा हसाओ जिले की हाफलोंग सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगी। इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाफलोंग में गरलोसा के घर का दौरा भी किया, हालांकि इस मुलाकात को लेकर दोनों पक्षों ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
टिकट न मिलने के बाद बदला राजनीतिक रुख
भाजपा ने इस बार हाफलोंग सीट से नंदिता गरलोसा की जगह नए चेहरे रूपाली लांगथासा को उम्मीदवार बनाया। टिकट न मिलने के बाद गरलोसा ने पार्टी से दूरी बनाई और कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस पहले इस सीट से अपने प्रदेश महासचिव निर्मल लांगथासा को मैदान में उतारने वाली थी, लेकिन उन्होंने जनहित में टिकट गरलोसा को देने का निर्णय लिया।
कांग्रेस का दावा: जनता की आवाज हैं गरलोसा
कांग्रेस ने कहा कि नंदिता गरलोसा पिछले पांच वर्षों से दीमा हसाओ की मजबूत आवाज रही हैं और हमेशा अपने सिद्धांतों के लिए काम किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार जनजातीय जमीनों को कॉरपोरेट्स को देने में अधिक रुचि रखती है।
कांग्रेस ने रविवार (22 मार्च) को अपनी पांचवीं उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें सात उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इससे पहले तीन मार्च को 42 और 21 मार्च को 23 उम्मीदवारों की सूचियां जारी की जा चुकी हैं। पार्टी ने असम में अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीटें छोड़ रखी हैं। पहली दो सूचियों में कांग्रेस के प्रमुख गौरव गोगोई का जोरहाट से, विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया का नाजिरा से और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा का बरचल्ला से नाम शामिल है।
असम विधानसभा चुनाव 2026
कुल सीटें: 126
बहुमत के लिए: 64
अधिसूचना जारी: 16 मार्च
नामांकन की आखिरी तारीख: 23 मार्च
नामांकन पत्रों की जांच: 24 मार्च
नाम वापसी की आखिरी तारीख: 26 मार्च
मतदान: 9 अप्रैल
परिणाम: 4 मई
कांग्रेस 2016 से असम में सत्ता से बाहर है, जबकि भाजपा तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। निवर्तमान विधानसभा में भाजपा के 64 विधायक, उसके सहयोगी असम गण परिषद के 9, यूपीपीएल के 7 और बीपीएफ के 3 विधायक हैं। विपक्ष में कांग्रेस के 26, एआईयूडीएफ के 15 और माकपा के 1 विधायक हैं। इसके अलावा एक स्वतंत्र विधायक भी है।
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