अयोध्या भाजपा के भ्रष्टाचार से परेशान, विधानसभा चुनाव में मिलेगा जवाब: अखिलेश यादव

HIGHLIGHTS
- सपा प्रमुख ने राम मंदिर के चंदे, चढ़ावे और दान में कथित चोरी का मुद्दा उठाया।
- अखिलेश ने मुख्यमंत्री से पूछा कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कब होगा।
- उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के धर्म-धन की चोरी के मामले में सरगना अब भी बरकरार है।
अयोध्या को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अयोध्या के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या का राजनीतिक पर्यटन करने वाले लोगों ने भगवान श्रीराम के पिता के बारे में अपशब्द कहने वालों के खिलाफ कुछ कहा है या नहीं। अखिलेश ने सवाल किया कि कहीं उनका प्रभाव इतना कम तो नहीं हो गया कि वे इस मुद्दे पर बोलने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाए। उन्होंने कहा कि इतने कमजोर होकर विदा होना ठीक नहीं है।
अखिलेश यादव ने उठाया राम मंदिर के चंदे और दान में गड़बड़ी का मुद्दा
अखिलेश यादव ने अपनी एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में अयोध्या में चढ़ावे, चंदे और दान की कथित चोरी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के लोग मुख्यमंत्री से पूछ रहे हैं कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कब होगा। उन्होंने यह सवाल भी किया कि मामले में निष्पक्ष खुलासा होगा भी या नहीं।
सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस मामले की जांच को लेकर आशंका जताई थी और उन्हें अंदेशा था कि जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के धर्म-धन की चोरी के मामले में भी ऐसा ही हुआ है।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस मामले में सरगना अब भी बरकरार है, जबकि उसके सेवकों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भाजपा के भ्रष्टाचार से परेशान है और वहां के लोग दुखी तथा अपमानित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने अयोध्या की पूरी नगरी को पीडीए बताते हुए दावा किया कि विधान परिषद चुनाव में वाराणसी में भाजपा को डबल जीरो मिला है। अखिलेश ने कहा कि अयोध्या के मतदाता विधानसभा चुनाव में भाजपा का स्कोर पांच जीरो कर उसे हमेशा के लिए विदा कर देंगे।
सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर साधा था निशाना
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। सीएम योगी ने कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोग अयोध्या आने की इच्छा जता रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या पहुंचने से पहले ऐसे लोगों को साधु-संतों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी।
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