कारें तोड़ी, पत्थर फेंका, जमकर भांजी लाठियां, बंगाल में मतदान के बीच नाओदा में बवाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिले का नाओदा इलाका एक बार फिर राजनीतिक टकराव की वजह से चर्चा में आ गया। वोटिंग के बीच शिवनगर गांव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के प्रमुख हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी की खबर सामने आई, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।
कबीर ने टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को पैसे का लालच देकर चुनाव से हटने के लिए दबाव बनाया। उनके मुताबिक शुरुआत में AUJP के 142 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 115 रह गई है। कबीर का दावा है कि कुछ प्रत्याशियों को 9 लाख से 30 लाख रुपये तक देकर नाम वापस लेने के लिए राजी किया गया।
मतदान केंद्र पर हुआ हंगामा
जानकारी के अनुसार जब हुमायूं कबीर नाओदा क्षेत्र के शिवनगर गांव स्थित एक मतदान केंद्र पर पहुंचे, तो वहां मौजूद टीएमसी समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने उन्हें ‘भाजपा एजेंट’ कहकर भी संबोधित किया और वापस जाने के नारे लगाए। इस दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
पहले टीएमसी में थे कबीर
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर पहले मुर्शिदाबाद की भरतपुर सीट से विधायक रह चुके हैं और वह कभी टीएमसी से जुड़े थे। हालांकि पिछले साल दिसंबर में उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया।
एजेयूपी कार्यकर्ताओं ने मारपीट का आरोप लगाया
AUJP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टीएमसी समर्थकों ने उनके एक बूथ स्तर के अध्यक्ष के साथ मारपीट भी की। हालांकि मौके पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के बाद हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि राज्य सरकार धार्मिक तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। कबीर ने यह भी दावा किया कि मंदिर निर्माण और धार्मिक नेताओं को आर्थिक सहायता देकर राज्य की राजनीति में वोट बैंक को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
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