सेंट्रल मार्केट विवाद: बाहरी लोगों पर पुलिस की नजर, सोशल मीडिया की निगरानी तेज

मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चल रही सीलिंग और ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। गौतमबुद्ध नगर में हाल ही में मजदूरों के प्रदर्शन के उग्र रूप लेने की घटनाओं के बाद मेरठ प्रशासन किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने की आशंका को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
सुरक्षा को लेकर बढ़ाई गई निगरानी
पुलिस को आशंका है कि कुछ बाहरी तत्व या असामाजिक लोग माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से अब मार्केट में आने-जाने वाले बाहरी व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और आवश्यक होने पर उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि शांति भंग करने या लोगों को भड़काने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई
सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर बने व्यावसायिक निर्माणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। इस कार्रवाई से प्रभावित व्यापारी और उनके परिवारों की आजीविका पर असर पड़ा है, जिसके चलते वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अवैध निर्माण के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
बाहरी लोगों और संगठनों पर नजर
पुलिस अब राजनीतिक दलों, संगठनों और बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है। हाल ही में कुछ लोगों को हिरासत में लेने और नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी की गई थी। पुलिस का कहना है कि किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को पहले ही नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी सख्ती
नोएडा में हुई घटनाओं के बाद मेरठ पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है। संदिग्ध अकाउंट और भड़काऊ पोस्ट की जांच की जा रही है। कुछ यूट्यूबर्स की गतिविधियों की भी जांच की गई है। भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है।
कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया
पुलिस ने कुछ लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 168 के तहत नोटिस जारी किए हैं। इस प्रावधान के तहत किसी भी संभावित शांति भंग या अपराध को रोकने के लिए पहले से कार्रवाई करने का अधिकार पुलिस को मिलता है।
सीलिंग कार्रवाई के दौरान करीब 20 लोगों को नोटिस जारी कर यह पूछा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में बाधा डालने या लोगों को उकसाने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
पुलिस का बयान
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित व्यापारी अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन जो लोग व्यापारी नहीं हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, उन्हें चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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