पश्चिम एशिया संकट के बीच सीएम योगी की अपील, देश को दिखानी होगी एकजुटता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में बने हालात के बीच देश को कोविड काल की तरह एकजुट होकर राष्ट्रीय भावना के साथ जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संकट का असर ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्क रहना जरूरी है।
गुरुवार को एक मीडिया समूह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे हालात में सार्वजनिक परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षित भारत ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है।
सीएम योगी ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा, द्वादश ज्योतिर्लिंग और तीर्थ परंपराएं सदियों से देश को एकता के सूत्र में जोड़ती रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है, लेकिन समय के साथ शोध, नवाचार और संसाधनों के उपयोग में कमी आई, जिससे देश को चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्याएं थीं। उन्होंने दावा किया कि उस समय युवाओं के सामने पहचान का संकट, व्यापारियों में असुरक्षा और किसानों में निराशा का माहौल था, जबकि दंगे, भ्रष्टाचार और माफिया गतिविधियां आम थीं।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद पहले ही महीने में विभागवार समीक्षा कर विकास की दिशा तय की गई। उस समय प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा था और कर्मचारियों के वेतन भुगतान तक की चुनौती थी।
सीएम योगी ने आगे कहा कि पहले एमएसएमई क्षेत्र अव्यवस्थित था, लेकिन अब यह तेजी से विस्तार कर रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिनसे करोड़ों लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते थे, लेकिन अब उन्हें उत्तर प्रदेश में ही अवसर मिल रहे हैं। सरकार अब तक नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है।
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