मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर: साइबर थाना और फुगाना पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों के सहारे गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस जांच में पता चला कि एक साल के भीतर इस गिरोह ने 150 से अधिक लोगों को ठगा और लगभग ₹80 करोड़ की ठगी की। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं। गिरफ्तारी के दौरान दो खातों में कुल ₹30 लाख बरामद हुए। इसके अलावा पुलिस ने कई दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सात बैंकों की प्री-एक्टिवेटेड किट भी जब्त की।
मामले की जांच
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि हाल ही में महाराष्ट्र में मेक माई ट्रिप के जरिए फर्जी क्यूआर कोड भेजकर एक यात्री से ₹50,000 की ठगी की गई थी। शिकायत प्रतिबिंब पोर्टल पर दर्ज की गई। जांच में पता चला कि जिले के कई युवक फर्जी कॉल करने में शामिल थे और राशि फुगाना में अक्षय के खाते में जमा हुई। मोबाइल और बैंक खातों की जांच के बाद मामला पूरी तरह स्पष्ट हुआ।
गिरफ्तारी और आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय, हर्ष कुमार, भव्यांश, सचिन, हरेंद्र और आर्यन शामिल हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य राजा और अनुराग मौके से फरार हो गए। गिरोह के सरगना अक्षय के खिलाफ आईटी एक्ट और मारपीट समेत पांच आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया है।
गिरोह की कार्यप्रणाली
अभियुक्त युवकों ने फर्जी बैंक खाते, मोबाइल सिम, आधार और पैन कार्ड, चेकबुक इत्यादि साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए। ये खाते विदेश और भारत में ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। आरोपी पैसे निकाल कर अपना कमीशन रखते थे और बाकी राशि साइबर ठगों के निर्देशानुसार जमा कराते थे।
अभिनेता और शिक्षा
अक्षय बीबीए पास है, हर्ष बीसीए, भव्यांश बीए, हरेंद्र पॉलिटेक्निक, सचिन इंटरफेल और आर्यन इंटर पास हैं। सभी एक-दूसरे के परिचित और दोस्त हैं।
बरामदगी
पुलिस ने 9 मोबाइल, 12 एटीएम कार्ड, 2 पैन कार्ड, 1 आधार कार्ड, 2 चेकबुक, 1 पासबुक, 7 प्री-एक्टिवेटेड बैंक किट, 1 वाई-फाई राउटर, प्रिंटर और ₹5,610 नकद जब्त किए।
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