मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगों को करने देता था। यह गिरोह इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम देने में मदद कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तालिब (निवासी रामपुरम) और अरमान (निवासी अंबा विहार) के रूप में हुई है। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ के अनुसार, ये दोनों आरोपी साइबर अपराधियों को ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जाता था।

जांच में सामने आया है कि पिछले तीन महीनों में इन खातों के जरिए लगभग 80 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। इसके अलावा, इन बैंक खातों से जुड़े मामलों में देशभर से करीब 30 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 18 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का संबंध पाया गया है। पुलिस इन सभी मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिंब’ पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर हुआ। शुरुआती जांच में मुजफ्फरनगर से जुड़े कई संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की गई, जिसके बाद थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनका संपर्क पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी मयूर अफजल राणा से था, जो यूएसडीटी ट्रेडिंग के नाम पर इन खातों का उपयोग करता था। आरोपी 5 प्रतिशत कमीशन पर अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और ठगी की रकम में से अपना हिस्सा रखकर बाकी राशि मुख्य आरोपी को सौंप देते थे।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पूरे साइबर नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.