दिल्ली दंगा केस: इशरत जहां को राहत, हाईकोर्ट ने पुलिस की अपील खारिज की

HIGHLIGHTS
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े “बड़ी साजिश” मामले में पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका को अस्वीकार कर दिया है।
- यह फैसला न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर दूडेजा की खंडपीठ ने सुनाया।
- अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इशरत जहां को जमानत मिले हुए चार वर्ष से अधिक समय हो चुका है और इस दौरान यह साबित करने के लिए कोई ठोस आरोप सामने नहीं आया कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया हो।
- इसी आधार पर पीठ ने स्पष्ट किया क…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े “बड़ी साजिश” मामले में पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका को अस्वीकार कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर दूडेजा की खंडपीठ ने सुनाया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इशरत जहां को जमानत मिले हुए चार वर्ष से अधिक समय हो चुका है और इस दौरान यह साबित करने के लिए कोई ठोस आरोप सामने नहीं आया कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया हो। इसी आधार पर पीठ ने स्पष्ट किया कि वह पहले दिए गए जमानत आदेश में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है। इशरत जहां को मार्च 2022 में इस मामले में जमानत दी गई थी, और उसी फैसले को बरकरार रखते हुए पुलिस की अपील खारिज कर दी गई।
गौरतलब है कि दिल्ली में 2020 के दौरान उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भड़की हिंसा उस समय हुई थी जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की जान गई थी और कई इलाकों में आगजनी व हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। उस समय प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके बाद कई गंभीर मामले दर्ज किए गए थे।
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