ड्रामा, डिलीवरी और डॉग की एंट्री: शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में हंगामा

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र पहले ही दिन गर्मा गया। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, बहस से ज्यादा शोर और तकरार देखने को मिला। सत्र का आगाज़ प्रधानमंत्री मोदी के बयान से हुआ, जिसमें उन्होंने 'ड्रामा' और 'डिलिवरी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके विपक्ष को सीधी नसीहत दी। यही टिप्पणी दिनभर राजनीति की गर्माहट का मुख्य कारण बनी रही।
पहले दिन की हलचल चार प्रमुख मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही:
(1) पीएम की टिप्पणी पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
(2) राज्यसभा में खरगे बनाम रिजिजू टकराव
(3) संसद के बाहर “डॉगी विवाद”
(4) तंबाकू-पान मसाला पर सेस बढ़ने की संभावित खबर
पीएम बोले- संसद में नारे नहीं, काम होना चाहिए
बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सत्र ड्रामा का नहीं, डिलिवरी का होना चाहिए। विपक्ष को सुझाव देते हुए कहा कि उसे नीतियों पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल नारों पर। साथ ही विपक्ष को “बोनस टिप्स” देने की बात कर उन्होंने माहौल और तंजभरा कर दिया।

विपक्ष इन बयानों से भड़क उठा और SIR के मुद्दे को लेकर लोकसभा व राज्यसभा दोनों में हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार SIR प्रणाली के नाम पर “मतदाता सूची में गड़बड़ी” कर रही है।
राज्यसभा में भी गरमाया माहौल
पहले दिन नए सभापति की मौजूदगी में सदन की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने शुरुआत में ही पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे का मुद्दा उठाया। इससे सदन में शोर बढ़ गया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू तुरंत जवाब देने खड़े हुए और बोले कि कांग्रेस को नसीहत देने से पहले अपने आचरण को याद करना चाहिए।
'काटने वालों पर ध्यान दो'- रेणुका चौधरी का तंज
संसद परिसर के बाहर एक और अनोखी घटना सुर्खियों में रही। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी अपनी कार में एक छोटा कुत्ता लेकर संसद पहुंचीं। जब उनसे पूछा गया तो वह बोलीं- 'ये तो किसी को काटता नहीं, काटने वाले तो अंदर बैठे हैं।'
बीजेपी ने इसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग कर दी।

काम भी हुआ: तंबाकू-पान मसाला पर नया सेस प्रस्तावित
हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो अहम बिल पेश किए। ये बिल उन उत्पादों पर नई कर व्यवस्था लागू करने से जुड़े हैं जिन पर अभी तक मुआवजा सेस लगता है।
नए प्रस्ताव के अनुसार-
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तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर GST 40% तक जा सकता है
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पान मसाला पर GST के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगाया जाएगा
यानी तंबाकू-पान मसाला का सेवन करने वालों के लिए जेब पर अब ज्यादा बोझ पड़ सकता है।
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