दुर्गापुर गैंगरेप केस: चार आरोपी 27 अक्तूबर तक जेल भेजे गए, पीड़िता का दोस्त भी शामिल

HIGHLIGHTS
- दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)।
- ओडिशा की एक मेडिकल छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को बुधवार को अदालत ने 27 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
- इस जघन्य वारदात ने पूरे राज्य में आक्रोश और सनसनी फैला दी है, क्योंकि आरोपियों में पीड़िता का एक करीबी मित्र भी शामिल है।
- पुलिस अब मामले से जुड़े फोरेंसिक और डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हुई है।
- घटना और गिरफ्तारी मामला 10 अक्टूबर की रात का है, जब छात्रा अपने एक दोस्त के साथ डिनर के लिए कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी।
दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)। ओडिशा की एक मेडिकल छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को बुधवार को अदालत ने 27 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस जघन्य वारदात ने पूरे राज्य में आक्रोश और सनसनी फैला दी है, क्योंकि आरोपियों में पीड़िता का एक करीबी मित्र भी शामिल है। पुलिस अब मामले से जुड़े फोरेंसिक और डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हुई है।
घटना और गिरफ्तारी
मामला 10 अक्टूबर की रात का है, जब छात्रा अपने एक दोस्त के साथ डिनर के लिए कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी। लौटते समय रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोका और कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें उसका पुरुष मित्र भी शामिल है।
अदालत की कार्यवाही
बुधवार को दुर्गापुर की सब-डिविजनल अदालत में पेश किए गए चारों आरोपियों को 27 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले मंगलवार को दो अन्य आरोपियों को पांच दिन की हिरासत में भेजा गया था। पुलिस ने अदालत से कहा कि फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए सभी आरोपियों की हिरासत आवश्यक है।
परिवार की प्रतिक्रिया और कॉलेज की कार्रवाई
पीड़िता के पिता ओडिशा से दुर्गापुर पहुंचकर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ हुई यह घटना समाज के लिए शर्मनाक है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए हैं। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है और पीड़िता को कानूनी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
जांच की प्रगति
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच दल सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और पीड़िता के बयान के आधार पर साक्ष्य जुटा रहा है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत एकत्र कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि सबूतों की पुष्टि के बाद चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी। प्रशासन इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की सिफारिश कर रहा है ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके।
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