तीन साल से रुकी पेंशन के लिए बुजुर्ग ने सांसद अरुण गोविल से लगाई गुहार

मेरठ। धनौरा की निवासी कुसुम त्यागी, जिनकी वृद्धावस्था पेंशन तीन साल पहले कागजों में ‘मृतक’ दिखाए जाने के कारण बंद कर दी गई थी, ने शनिवार को सांसद अरुण गोविल से न्याय की गुहार लगाई। सांसद गरीबों को कंबल वितरित करने पहुंचे थे, उसी दौरान कुसुम ने उन्हें अपनी व्यथा बताई।
तीन साल का संघर्ष
कुसुम त्यागी पिछले तीन वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। आरोप है कि कागजी खामियों के चलते उन्हें मृतक दिखा दिया गया और उनकी पेंशन रोक दी गई। कुसुम ने कहा कि वह जिंदा हैं और उन्हें वृद्धा पेंशन का पूरा हक मिलना चाहिए।
सांसद ने दिए त्वरित निर्देश
कुसुम की आपबीती सुनने के बाद सांसद अरुण गोविल ने तत्काल जिलाधिकारी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कुसुम की पेंशन बहाल कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान
सांसद के हस्तक्षेप के बाद जिलाधिकारी ने कुसुम के परिवार से संपर्क किया और ग्राम पंचायत के सचिव को निर्देश दिए कि पीड़ित महिला से मिलकर समस्या का समाधान निकाला जाए। इस कदम से कुसुम को उम्मीद जगी है कि अब उनकी पेंशन बहाल होगी और वह लंबे समय से चली आ रही परेशानी से निजात पा सकेंगी।
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