धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार इस्तीफे पर तोड़ी चुप्पी, बोले- बच्चों की आकांक्षाएं जरूरी

HIGHLIGHTS
- भुवनेश्वर में छात्रों और शिक्षकों से संवाद के दौरान दिया बयान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा के बाद इस्तीफे की पेशकश का दावा
- करीब दो सप्ताह बाद सामने आया धर्मेंद्र प्रधान का बयान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। शनिवार को उन्होंने पहली बार इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। भुवनेश्वर की एक यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर कहा कि बच्चों की आकांक्षाओं के सामने उनके लिए कोई पद महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। प्रधान ने करीब दो सप्ताह बाद इस घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है।
Gen-Z को गुमराह करने की कोशिश का दावा
बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि Gen-Z उनके बच्चे हैं और कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उस समय उनका कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं था। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनकी अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं और वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनके लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि बच्चों की आकांक्षाएं ज्यादा जरूरी थीं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा करने के बाद ही उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर में यह बात कही। अब तक उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर कोई बयान नहीं दिया था और यह इस मामले पर उनकी पहली प्रतिक्रिया है।
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