राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर शशि थरूर का जवाब, बोले- मैं ट्रैवल एजेंट नहीं हूं

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर सवालों का शशि थरूर ने दिया जवाब।
- थरूर ने एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाया।
- मतदाता सूची से नाम हटाने और फॉर्म-6 व फॉर्म-7 पर उठाए सवाल।
तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं, इसलिए उनसे यह पूछना उचित नहीं है कि राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं। दरअसल, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
केरल में पत्रकारों ने राहुल गांधी की यात्रा पर पूछा सवाल
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर केरल की राजधानी में मौजूद थे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि जब दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, तो राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं।
इस पर थरूर ने कहा कि उनसे ऐसा सवाल पूछने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। मुझसे यह सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। मैं दिल्ली छोड़कर यहां क्यों आया? हर व्यक्ति की अपनी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।"
एसआईआर को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना
थरूर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर लोगों से मतदान का अधिकार छीना गया है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी को भी किसी व्यक्ति का वोट देने का अधिकार छीनने का हक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए थे। इनमें से केवल लगभग 82 हजार लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई। थरूर के मुताबिक, इन अपीलों में 91 प्रतिशत मामले ऐसे लोगों के थे, जिनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए गए, तो एसआईआर कराने का क्या उद्देश्य था।
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 को लेकर भी उठाए सवाल
शशि थरूर ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि फॉर्म-6 को क्यों हटाया गया और फॉर्म-7 इतनी बड़ी संख्या में क्यों भरवाए गए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाने का फैसला क्यों लिया गया।
थरूर ने कहा कि देश में दशकों से चुनाव होते आ रहे हैं, लेकिन पहले इस तरह की समस्याएं सामने नहीं आई थीं। उन्होंने इन परेशानियों के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
थरूर ने कहा कि इन्हीं कारणों से कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। उनके अनुसार, एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों से सवाल किए जाएं और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी रैली
थरूर ने जानकारी दी कि इस मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि रैली के लिए पुलिस से अनुमति मिल चुकी है।
कांग्रेस इस रैली के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
निष्पक्ष चुनाव कराने पर दिया जोर
कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी विशेष पार्टी को जिताने या हराने से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को किसी व्यक्ति या पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर नहीं किया है।
थरूर के मुताबिक, उनकी मांग केवल इतनी है कि प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छा के अनुसार वोट देने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि जब चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होंगे, तो जनता खुद फैसला कर लेगी कि सत्ता किसे सौंपी जानी चाहिए।
पवन खेड़ा ने पीएम मोदी को इंडिया गठबंधन में शामिल होने का दिया न्योता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दशहरा समारोह के दौरान दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह सलाह देने में देर कर दी है, क्योंकि इंडिया गठबंधन पहले ही इसी उद्देश्य के लिए एकजुट हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो गठबंधन में शामिल हो सकते हैं, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर आम सहमति बनाने संबंधी प्रधानमंत्री के बयान पर भी पवन खेड़ा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अहंकार के घोड़े पर सवार होकर आम सहमति कैसे बनाई जा सकती है?
खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद में विपक्ष से दूरी बनाए रखते हैं और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ते हैं। इसके बावजूद वह आम सहमति बनाने की बात करते हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने अब तक कितनी सर्वदलीय बैठकें बुलाई हैं।
'आरएसएस अपना अगला प्रमुख किसी महिला को बनाए'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरएसएस को लेकर किए गए ट्वीट के संदर्भ में पवन खेड़ा ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की महिलाओं को लेकर कथित टिप्पणियों पर सवाल उठाए।
खेड़ा ने कहा कि महिलाओं को बच्चे पैदा करने और घर पर रहने की सलाह देना पुरुषप्रधान मानसिकता को दर्शाता है। उनके अनुसार, इस सोच में घर के बाहर की दुनिया को पुरुषों का क्षेत्र माना जाता है और महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने की धारणा दिखाई देती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ की विचारधारा में महिलाओं की भूमिका को केवल संतान पैदा करने तक सीमित करके देखा जाता है।
पवन खेड़ा ने आरएसएस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि संगठन वास्तव में महिला-विरोधी नहीं है, तो उसे अपना अगला प्रमुख किसी महिला को बनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एक दलित महिला को आरएसएस का प्रमुख नियुक्त करने की चुनौती दी और कहा कि ऐसा करके संगठन महिलाओं के प्रति अपनी सोच साबित कर सकता है।
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