हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पेयजल-सीवर परियोजनाओं पर खर्च होंगे 399.85 करोड़ रुपये

HIGHLIGHTS
- गुरुग्राम के चंदू बुढेड़ा में प्रतिदिन 100 एमएलडी पानी साफ करने वाला स्वचालित संयंत्र बनाया जाएगा।
- हिसार में 10 एमएलडी क्षमता का मल शोधन संयंत्र और पंपिंग केंद्र स्थापित होगा।
- अंबाला के शहजादपुर में सीवर लाइन के साथ तीन एमएलडी क्षमता का मल शोधन संयंत्र बनेगा।
हरियाणा। प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चाधिकार प्राप्त खरीद समितियों की बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग के 13 कार्यों को 419.34 करोड़ रुपये के बजाय 399.85 करोड़ रुपये में कराने की स्वीकृति दी गई। इससे सरकार को 19.49 करोड़ रुपये की बचत होगी।
स्वीकृत कार्यों में सीवर लाइनों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति में सुधार और नए जल एवं मल शोधन संयंत्रों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलघर, जल आपूर्ति केंद्र और पाइपलाइन विकसित की जा रही हैं।
जलघरों और जल आपूर्ति केंद्रों के तल को पक्का बनाने के लिए प्रबलित सीमेंट कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पानी का रिसाव रोका जा सके। बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे।
रोहतक से हिसार तक सीवर और जल शोधन परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में प्रदेश के विभिन्न शहरों में सीवर व्यवस्था और पेयजल संबंधी कार्यों को मंजूरी दी गई। प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
रोहतक: गांधी नगर से मुख्य झज्जर रोड तक सीवर व्यवस्था सुधारने पर 15.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अन्य खराब सीवर लाइनों की मरम्मत के लिए 17.25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सिंहपुरा और सुखपुरा चौक: सिंहपुरा में सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए 16 करोड़ रुपये और सुखपुरा चौक पर सीवर लाइनों की मरम्मत के लिए 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहजादपुर, अंबाला: यहां 48 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन और तीन एमएलडी क्षमता का मल शोधन संयंत्र बनाया जाएगा।
जगाधरी: सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए 24 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
हिसार: यहां 33.95 करोड़ रुपये की लागत से 10 एमएलडी क्षमता का मल शोधन संयंत्र और पंपिंग केंद्र बनाया जाएगा।
चंदू बुढेड़ा, गुरुग्राम: यहां जलघर में 49.50 करोड़ रुपये से प्रतिदिन 100 एमएलडी पानी साफ करने वाला स्वचालित संयंत्र और स्वच्छ पानी के भंडारण केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
पंचकूला: जनस्वास्थ्य विभाग का नया भवन 58.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
अन्य विभागों की परियोजनाओं को भी मंजूरी
बैठक में पेयजल और सीवर व्यवस्था के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई।
लोकायुक्त भवन: पंचकूला में 18.40 करोड़ रुपये की लागत से भवन बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य: अंबाला में 22.80 करोड़ रुपये से टीबी अस्पताल का निर्माण होगा।
शिक्षा: जींद की सीआरएसयू में 54.50 करोड़ रुपये की लागत से शैक्षणिक भवन बनाया जाएगा। मीरपुर विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 224 बिस्तरों वाला छात्रावास 14.50 करोड़ रुपये से तैयार होगा।
खेल: चरखी दादरी के पिचोपा में 11.60 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम दौड़ ट्रैक वाला स्टेडियम बनाया जाएगा।
सम्मेलन केंद्र: सोहना के औद्योगिक क्षेत्र में 51 करोड़ रुपये से सभागार, दुकानें, 50 कमरों वाला होटल और पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी।
सड़कें: गुरुग्राम-पटौदी रोड को गडोली के रास्ते द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले मार्ग को 30.85 करोड़ रुपये से मजबूत किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-709 के शेष कार्य भी पूरे किए जाएंगे।
जल निकासी: पंचकूला में दो वर्षा जल निकासी नालों के निर्माण पर 34.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
भंडारण: चीका, ढंडूर, हांसी और जुलाना में अनाज भंडारण गोदाम बनाए जाएंगे।
इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
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