होर्मुज जलडमरूमध्य के पास धमाकों से बढ़ी हलचल, ईरान-अमेरिका के बीच तनाव बरकरार

HIGHLIGHTS
- क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
- ईरान ने तीन अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया।
- IRGC के मुताबिक, यह 55वां अमेरिकी ड्रोन है जिसे ईरान ने निशाना बनाया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी हिस्से में जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में कई विस्फोट सुने गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, क्यूशम द्वीप पर पांच धमाकों की आवाज आई, जबकि बंदर लेंगेह में भी कई विस्फोट होने की खबर है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते देखने का दावा किया। हालांकि, धमाकों की वजह का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है और किसी के हताहत होने की जानकारी भी नहीं मिली है।
होर्मुज के पास बढ़ी सैन्य हलचल
क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में धमाकों की खबर ऐसे समय आई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
ईरान ने तीन अमेरिकी ड्रोन गिराने का किया दावा
धमाकों से पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तीन अमेरिकी ड्रोन मार गिराए हैं। इनमें एक MQ-9 सैन्य ड्रोन भी शामिल बताया गया है। ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, IRGC ने कहा कि क्यूशम द्वीप के दक्षिण में दो अमेरिकी MQM-170 टोही ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की मदद से गिराया गया।
55वां MQ-9 ड्रोन गिराने का दावा
IRGC ने एक अलग बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को ट्रैक करने के बाद नष्ट कर दिया। संगठन के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरान के नए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। IRGC ने दावा किया कि यह उसका गिराया गया 55वां MQ-9 ड्रोन है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
अमेरिका ने कहा- होर्मुज में ईरान के कुछ ठिकानों पर किए रक्षात्मक हमले
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए हैं। सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण अधिकारी ने सोमवार को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमलों में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से ईरान अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा था।
'ईरान से जल्द हो सकता है समझौता'
एक ओर इलाके में सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद भी जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान के साथ संभावित समझौते की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं, क्योंकि लोगों को लग रहा है कि ईरान के साथ युद्ध नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है और बातचीत सफल हो सकती है।
राष्ट्रपति ने हमले से किया इंकार
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से नए युद्ध की संभावना को कम बताया था और कूटनीतिक सफलता के संकेत भी दिए थे। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, केशम पर यह हमला पिछले कुछ हफ्तों से जारी गुप्त अमेरिकी हमलों का हिस्सा है।
मध्यावधि चुनाव से एक दिन पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्ष “जीत लिया” है। उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों के बीच हफ्तों से कोई लड़ाई नहीं हुई है। सोमवार को अमेरिकी समय के अनुसार, पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमला करने पर विचार कर रहे हैं। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने संक्षिप्त जवाब में केवल “नहीं” कहा।
जेडी वेंस को भी बातचीत से उम्मीद
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान के साथ बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन को लगता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। इससे संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन फिलहाल कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि उनका देश बातचीत के साथ-साथ सैन्य टकराव के लिए भी तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई हुई तो उसका जवाब पहले से ज्यादा ताकत के साथ दिया जाएगा। ऐसे में एक तरफ समझौते की उम्मीद बनी हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य तनाव भी कम होता नहीं दिख रहा है। क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में हुए धमाकों ने इस घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है।
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