ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच फ्लाइट रद्द, यात्रियों को नहीं मिला फुल रिफंड

अलीगंज निवासी सैयद फरहान ने 1 मार्च को कुवैत से लखनऊ लौटने के लिए इंडिगो फ्लाइट का टिकट (PNR: Y59GMV) 14,436 रुपये में बुक किया था। हालांकि, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई। लेकिन रिफंड के तौर पर उन्हें सिर्फ 13,037 रुपये मिले।
इसी तरह, चंद्रशेखर सिंह ने अबुधाबी से लखनऊ आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट (PNR: Z5H9JP) बुक की थी। विमान कैंसिल हो गया, लेकिन उन्हें केवल 2,686 रुपये ही रिफंड के तौर पर प्राप्त हुए, जबकि टिकट की कीमत 10,103 रुपये थी।
प्रभावित यात्री और लंबी शिकायतों की सूची
इन घटनाओं से प्रभावित यात्रियों की संख्या काफी बड़ी है। अमौसी एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए कई उड़ानें कई दिनों से रद्द हैं। अनुमानित रूप से लगभग 8,000 यात्री प्रभावित हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि फ्लाइट रद्द होने के बावजूद एयरलाइंस फुल रिफंड नहीं दे रही हैं।
कई यात्रियों ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उनका कहना है कि रद्द की गई उड़ानों पर पूरी राशि लौटाना एयरलाइन की जिम्मेदारी है।
विकल्प की मांग, रिफंड नहीं चाहिए
कुछ यात्रियों ने सिर्फ रिफंड की बजाय वैकल्पिक उड़ानों की मांग की है।
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आदिल शेख की रियाद से लखनऊ की एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट (IX-190) एयरस्पेस बंद होने के कारण रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें रिफंड नहीं चाहिए, बल्कि किसी भी उपलब्ध मार्ग से लखनऊ या दिल्ली के लिए उड़ान मिलनी चाहिए।
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विवेक प्रसाद ने शिकायत की कि लखनऊ से दुबई जाने वाली फ्लाइट IX-193 बिना सूचना के रद्द कर दी गई। इसके लिए उन्हें 500 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा।
छात्रों और जरूरी यात्रियों पर असर
कीर्ति बहुगुणा मस्कट में फंसी हुई थीं। उनकी लखनऊ की फ्लाइट 6 मार्च को रद्द हो गई। वह लॉ के अंतिम वर्ष की छात्रा हैं और 9 मार्च से उनकी परीक्षा शुरू हो रही थी। दुबई से ओमान तक सड़क मार्ग से यात्रा करने के बाद भी फ्लाइट रद्द हो गई। एयरलाइन ने केवल टिकट का रिफंड दिया और होटल या अन्य खर्चों के लिए कोई सहायता नहीं दी। कीर्ति ने कहा कि वह भारत लौटने के बाद उपभोक्ता आयोग में शिकायत करेंगी।
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