दो खिलाड़ियों की मौत के बाद सरकार अलर्ट, कंडम स्टेडियम सील- 114 करोड़ से होगा पुनर्विकास

पंचकूला। राज्य सरकार ने खेल अवसंरचना की स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन स्टेडियमों या खेल मैदानों की हालत मानक के अनुरूप नहीं होगी, वहां किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि पर रोक लगा दी जाएगी। हाल में दो खिलाड़ियों की मौत के बाद उठे सवालों ने सरकार को खेल सुविधाओं की समीक्षा के लिए गंभीर कदम उठाने पर मजबूर किया है।
तीन माह में बदलेगी मैदानों की सूरत
पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि प्रदेशभर में खेल परिसरों के नवीनीकरण और पुनर्विकास के लिए 114 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है। जिला खेल परिषदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने फंड का बड़ा हिस्सा स्थानीय मैदानों के कायाकल्प पर खर्च करें। मंत्री ने कहा कि “अगले तीन महीनों में मैदानों में स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा।”
चार श्रेणियों में होगा वैज्ञानिक मूल्यांकन
खेल विभाग सभी स्टेडियमों का तकनीकी सर्वे करवाएगा और उनकी स्थिति के अनुसार उन्हें चार श्रेणियों—
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A ग्रेड: उत्कृष्ट एवं अभ्यास योग्य
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B ग्रेड: सामान्य, खेलने योग्य
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C ग्रेड: मरम्मत के बाद उपयोग योग्य
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D ग्रेड: पूरी तरह बंद, खिलाड़ियों के लिए प्रतिबंधित
—में वर्गीकृत किया जाएगा।
सभी स्टेडियमों की संयुक्त जांच अनिवार्य
गौतम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद और हुडा के अंतर्गत आने वाले सभी खेल मैदानों की तत्काल संयुक्त जांच कर रिपोर्ट भेजी जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित जिला खेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।
फर्जी नर्सरियों पर भी कसेगी नकेल
राज्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं के सुधार के साथ ही फर्जी खेल नर्सरियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं प्रगति की नियमित निगरानी करेंगे ताकि कार्य में कोई ढिलाई न हो। बैठक में निदेशक संजीव वर्मा, अतिरिक्त निदेशक अश्वनी मलिक सहित जोन और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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