राज्यपाल का अभिभाषण औपचारिक, आम जनता के मुद्दों की अनदेखी: मायावती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल के संयुक्त अधिवेशन संबोधन के साथ शुरू हुआ। हालांकि, बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यपाल के अभिभाषण को औपचारिक और पारंपरिक बताया और इसमें असंतोष जताया।
मायावती ने कहा कि अभिभाषण में प्रदेश के विकास और समाज के उत्थान की बातें जरूर की गईं, लेकिन आम जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त संवेदनशीलता और स्पष्टता नहीं दिखाई दी। उनका कहना है कि प्रदेश में लाखों लोग महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जबकि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता को अपने जीवन, संपत्ति और धार्मिक सुरक्षा को लेकर आशंकाएं हैं, जिन पर सरकार का ध्यान आकर्षित होना चाहिए था। इसी विषय को लेकर अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और हंगामा भी किया।
अभिभाषण में सरकार की जनहित और कल्याणकारी घोषणाओं की प्रगति के ठोस आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे आम जनता में निराशा है। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों को आगामी बजट भाषण में समुचित रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि जनता को राहत और भरोसा मिल सके।
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