खाड़ी देश निजी स्वार्थ के लिए लड़ रहे: शंकराचार्य निश्चलानंद, भारत की नीति संतुलित

प्रयागराज। पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने शनिवार को झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में कहा कि ब्रह्म को जानने वाला व्यक्ति ही ब्राह्मण है और जन्म से ब्राह्मण परिवार में पैदा होने वाला व्यक्ति ही जन्मजात ब्राह्मण माना जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
भक्तों की जिज्ञासा का समाधान करते हुए शंकराचार्य ने देश की आंतरिक परिस्थितियों और खाड़ी देशों में हो रही युद्ध स्थितियों पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजरायल, ईरान और अन्य खाड़ी देश अपने निजी स्वार्थ के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रत्येक देश अपनी जमीन और खनिज संपदा पर अधिकार करने के लिए दूसरे देशों पर हमला कर रहा है, जिसका दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि वह दिन में कई बार झूठ बोलते हैं, इसलिए उनके कथनों का विश्व स्तर पर अब कोई बड़ा महत्व नहीं रह गया है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बावजूद भारत अपनी नीति में तटस्थ है।
शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कूटनीतिक क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की दूरदर्शी विदेश नीति के चलते देश रूस, ईरान और अमेरिका जैसे बड़े देशों के साथ संतुलन बनाए रख रहा है। उनकी दूरदृष्टि के कारण ही आज भारत की ओर विश्व की महाशक्तियां आशा और सम्मान की दृष्टि से देख रही हैं।
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