बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हरियाणा बेहाल, कई इलाकों में पेयजल संकट भी गहराया

HIGHLIGHTS
- कर्मचारियों की मांग निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में है।
- अनिल विज ने हड़ताली कर्मचारियों से ड्यूटी पर लौटने की अपील की।
- सरकार आयोग के आदेश को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती देने की तैयारी में है।
पानीपत। निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के विरोध में हरियाणा के करीब 40 हजार बिजली कर्मचारी और अभियंता तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले ही दिन बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए किए गए प्रशासनिक इंतजामों की स्थिति सामने आ गई।
गुरुवार को प्रदेश में बिजली संकट को देखते हुए अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने की अपील की। परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत के लिए तैयार है। इनमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 108 पर कार्रवाई करना भी शामिल है।
शहरों से गांवों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहरों और गांवों में आपूर्ति बाधित रही। फाल्ट ठीक करने के लिए तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हुए, जिससे शिकायतों की संख्या बढ़ती गई। कई इलाकों में रातभर बिजली नहीं आने से पेयजल संकट भी गहरा गया।
करनाल के निसिंग और फरीदाबाद के एनआईटी क्षेत्र में लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। वहीं, कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद में गुरुवार शाम सात बजे लोगों ने अंबाला-हिसार नेशनल हाईवे-65 पर जाम लगा दिया।
प्रशासन ने बिजलीघरों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की। इसके अलावा दूसरे विभागों के कर्मचारियों, आईटीआई विद्यार्थियों और ठेकेदारों के कर्मियों की भी मदद ली गई। हालांकि, तकनीकी दक्षता की कमी के कारण वैकल्पिक व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकी।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार आयोग के आदेश को चुनौती देने के लिए विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील करेगी।
कई जिलों में बिजली संकट से लोग परेशान
हिसार: सर्कल में 23 घंटे के दौरान 355 क्षेत्र ब्लैकआउट रहे। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 97 प्रतिशत स्टाफ हड़ताल पर रहा। कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को एक दिन में 27 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
रोहतक: महम और सांपला के अधिकांश गांवों में आधी रात से बिजली नहीं थी। गुरुवार दोपहर ढाई बजे तक 800 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। औद्योगिक क्षेत्र की सिटी लाइन बंद होने से सात कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति ठप रही।
सिरसा: कालांवाली और नाथूसरी चोपटा में रात से बिजली आपूर्ति बंद रही। निगम ने व्यवस्था संभालने के लिए ठेकेदार के 20 कर्मचारियों और आईटीआई के 176 अप्रेंटिस को लगाया।
हांसी: 12 सबस्टेशन और फीडर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। तीन क्षेत्रों में पेयजल की सप्लाई नहीं हो सकी। सात बिजली केंद्रों पर 56 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
झज्जर: शहर के 23 में से 10 फीडर ब्रेकडाउन रहे। स्थिति संभालने के लिए प्रशासन ने 132 तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध कराए।
फतेहाबाद: जिले के 73 में से 21 सबस्टेशन बंद रहे। टोहाना के 132 केवी सबस्टेशन में धमाका होने से आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.