मेरठ में अवैध तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़, बीसीए छात्र समेत चार गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- मेरठ में अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना इंचौली पुलिस और स्वाट टीम ने खरदौनी के जंगल में चल रही एक अवैध तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है।
- मंगलवार देर रात की गई इस छापेमारी में पुलिस ने गिरोह के सरगना इमरान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
- पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से तमंचों का निर्माण व सप्लाई कर रहा था।
- गिरफ्तार मुख्य आरोपी इमरान बेहद शातिर अपराधी बताया जा रहा है, जो वर्ष 2000 में भी अवैध हथियार फैक्टरी चलाने…
मेरठ में अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना इंचौली पुलिस और स्वाट टीम ने खरदौनी के जंगल में चल रही एक अवैध तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। मंगलवार देर रात की गई इस छापेमारी में पुलिस ने गिरोह के सरगना इमरान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से तमंचों का निर्माण व सप्लाई कर रहा था। गिरफ्तार मुख्य आरोपी इमरान बेहद शातिर अपराधी बताया जा रहा है, जो वर्ष 2000 में भी अवैध हथियार फैक्टरी चलाने के मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क खड़ा कर हथियार बनाने का काम शुरू कर दिया था।
इस गिरोह में एक चौंकाने वाला नाम 19 वर्षीय बीसीए छात्र उमंग ठाकुर का भी सामने आया है, जो पढ़ाई के साथ-साथ अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल था। पुलिस के अनुसार, उमंग ऑन-डिमांड हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था और कई मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में यह भी पता चला है कि उसने कुछ हथियार अपनी मौसी के घर में छिपाकर रखे थे, जिन्हें बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बनाने का सामान बरामद किया है, जिसमें अधबने और तैयार तमंचे, कई नालें, स्प्रिंग, 12 बोर के पुर्जे, ड्रिल बिट्स, ग्राइंडर, वेल्डिंग रॉड, आरी, रेती, बेंच वाइस और अन्य उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा एक वेल्डिंग मशीन और दो खराद मशीनें भी जब्त की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह में हर सदस्य की अलग भूमिका तय थी। इमरान हथियार तैयार करता था, दौराला का कुलदीप सप्लाई नेटवर्क संभालता था, नरेंद्र मध्यस्थ की भूमिका निभाता था, जबकि उमंग ठाकुर ग्राहकों तक हथियार पहुंचाने का काम करता था।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
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