रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की रैली, 'चलो दिल्ली' अभियान के तहत जुटे विपक्षी सांसद

HIGHLIGHTS
- सीपीआई(एम) सांसद अमरा राम ने दावा किया कि 13.5 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं।
- अमरा राम ने राजस्थान के झोटवाड़ा में 68 हजार से अधिक नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
- अखिलेश यादव ने यूपी में 1.27 करोड़ वोट कम होने के दावे पर सवाल उठाए।
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और एसआईआर के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। सीपीआई(एम), समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर पलटवार करते हुए इसे ‘ठगों का मेला’ बताया।
अमरा राम बोले- 2024 का चुनाव पूरी तरह फर्जी था
सीपीआई(एम) सांसद अमरा राम ने एसआईआर को लोकतंत्र की निर्मम हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। बाबा साहेब के संविधान ने देश के नागरिकों को मतदान का अधिकार दिया है, लेकिन 13.5 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं।
अमरा राम ने दावा किया कि राजस्थान के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में ही 68 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव पूरी तरह फर्जी था और इसे रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची से हटाए गए सभी नाम फिर से जोड़ने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
अखिलेश यादव बोले- डबल इंजन सरकार अब डबल जीरो हो गई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और टीएमसी सांसदों सहित विपक्ष के कई नेता वहां पहुंचे।
इंडिया ब्लॉक की रैली में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि अन्याय की सभी सीमाएं पार हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि 1.27 करोड़ वोट कम हो गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री को इसकी याद तब क्यों आई, जब वह एमएलसी का चुनाव हार गए।
अखिलेश ने कहा कि जो लोग डबल इंजन सरकार की बात करते थे, वे अब डबल जीरो हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग के पास जाकर दोबारा मतगणना कराई गई। अखिलेश के मुताबिक, एक ही चुनाव में डबल इंजन सरकार, डबल जीरो और दोहरी हार जैसी स्थिति देखने को मिली।
उन्होंने मुख्यमंत्री के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि 1.27 करोड़ हिंदुओं के वोट गायब हैं। अखिलेश ने पूछा कि यह आंकड़ा कहां से आया और किसने दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सड़क से ऐसा आंकड़ा उठाकर नहीं ला सकता और न ही कोई किसी को मनमाने ढंग से यह जानकारी दे सकता है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर कोई मंत्री उत्तर प्रदेश में ऐसा बयान दे रहा है, जहां से प्रधानमंत्री आते हैं, तो यह भी देखना होगा कि वह बयान किस समय दिया जा रहा है। उन्होंने 1.70 करोड़ वोट गायब होने के आरोप का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा कि ऐसी स्थिति में वह दूसरों पर क्या आरोप लगा रही है।
अखिलेश ने कहा कि सरकार का दावा है कि लाखों लाभार्थियों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। ऐसे लोगों को भी रामलीला मैदान पहुंचना चाहिए, क्योंकि यह आंदोलन अन्याय और झूठे वादों के खिलाफ है।
महुआ माजी बोलीं- मतदाता सूची से नाम हटना लोकतंत्र पर हमला
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता महुआ माजी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखे और उसका ध्यान आकर्षित करे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से लगातार नाम हटाए जाने के कारण लोग परेशान हैं। INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से अपील कर चुका है और सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई गई है।
माजी ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सड़कों पर उतर रहा है। एक दिन पहले सार्वजनिक महाभियोग अभियान चलाया गया था और अब रामलीला मैदान में जुटकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार अब इस मामले पर ध्यान देगी।
उन्होंने मांग की कि सरकार को इस पद पर टीएन शेषन जैसे ईमानदार अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए। महुआ माजी ने कहा कि प्रधानमंत्री को नेता प्रतिपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर इस पद के लिए किसी योग्य व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए, जो जनता का विश्वास जीत सके।
उन्होंने कहा कि वास्तविक मतदाताओं सहित करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतंत्र पर हमला है। देश का लोकतंत्र एक तरह से निरंकुशता की ओर बढ़ रहा है और इसी के विरोध में यह रैली आयोजित की जा रही है।
सागरिका घोष बोलीं- ज्ञानेश कुमार को देना होगा इस्तीफा
इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अब परिस्थितियों में बड़ा बदलाव होने वाला है और ज्ञानेश कुमार अपने पद पर बने नहीं रह सकते। उन्हें इस्तीफा देना होगा।
सागरिका घोष ने कहा कि उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित हो चुका है। अब सरकार को औपचारिक कार्रवाई करते हुए जरूरी प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, ताकि उन्हें पद से हटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाली रैली की आवाज संसद तक पहुंचेगी। विपक्षी दल एकजुट हैं और अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। घोष ने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता का जो भरोसा कमजोर हुआ है, उसे फिर से कायम करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
भाजपा ने विपक्ष की रैली को बताया 'ठगों का मेला'
इंडिया ब्लॉक की रैली पर भाजपा ने भी निशाना साधा। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बार फिर ‘ठगों का मेला’ लगने वाला है।
भाजपा ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए देश विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाह और अराजकता फैलाना है।
संजय राउत बोले- बैरिकेड तोड़कर रामलीला मैदान पहुंचेंगे लोग
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर कहा कि बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जितना ज्यादा उन्हें रोकने का प्रयास होगा, भीड़ उतनी ही बढ़ेगी।
राउत ने कहा कि लोग सभी बैरिकेड तोड़कर रामलीला मैदान पहुंचेंगे। जनता सत्ता परिवर्तन चाहती है और मौजूदा सरकार को नहीं देखना चाहती। उन्होंने कहा कि रैली में दिखाई देने वाली ताकत किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की होगी और इसमें देश के लोग शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में दिल्ली में इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम लगातार होते रहेंगे। व्यापारियों को लेकर उन्होंने टिप्पणी की कि देश में केवल दो ही ‘व्यापारी’ हैं- मोदी जी और शाह जी। राउत ने कहा कि उन्हें निश्चित रूप से नुकसान हो रहा है और अगर ऐसे आंदोलनों से उन्हें नुकसान पहुंचता है, तो ऐसा होने दिया जाना चाहिए।
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