अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश से भारत चिंतित, विदेश मंत्रालय ने की जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को भारत की चिंता जाहिर की।
- जांच 11 अक्टूबर को संभावित गोलीबारी से जुड़ी सूचना मिलने के बाद शुरू हुई थी।
- संदिग्ध के इलेक्ट्रॉनिक संदेशों में कथित हमले से संबंधित जानकारी सामने आई।
अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना सामने आने के बाद भारत ने चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह मामला अमेरिका में नस्लीय शत्रुता और भारत विरोधी नफरत को लेकर बढ़ती चिंताओं को और गंभीर बनाता है। भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से मामले की विस्तृत जांच करने, दोषियों को सजा दिलाने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कथित साजिश का हिंदू विरोधी और नस्लीय स्वरूप खास तौर पर चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का भी उल्लेख किया गया था।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने कहा कि इलिनॉय के ऑरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश की खबरों से भारत बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि साजिश का कथित हिंदू विरोधी और नस्लीय स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र भी है, विशेष रूप से परेशान करने वाला है।
प्रवक्ता के मुताबिक, भारत ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर भी ध्यान दिया है। इसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी, उसे हिरासत में लिया जाना और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप शामिल हैं।
नफरत से प्रेरित हिंसा पर सख्त कार्रवाई की मांग
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना अमेरिका में नस्लीय शत्रुता और भारत विरोधी नफरत से जुड़ी बढ़ती चिंताओं की एक और कड़ी है। भारत ने नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने और वहां भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत बताई।
भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से पूरे मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की अपेक्षा जताई है।
19 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी के बाद आया बयान
भारत का यह बयान 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस की गिरफ्तारी के बाद आया है। उसे इलिनॉय में एक हिंदू धार्मिक स्थल पर सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
पैलेटाइन पुलिस विभाग के अनुसार, इस मामले की जांच 11 अक्टूबर को शुरू हुई थी। माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग ने संभावित सामूहिक गोलीबारी से संबंधित जानकारी साझा की थी। यह सूचना एक व्यक्ति से मिली थी, जिसने पापोराकिस की ओर से भेजे गए कुछ इलेक्ट्रॉनिक संदेशों को लेकर चिंता जताई थी।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, संदिग्ध ने एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना का जिक्र था। दस्तावेज के साथ राइफल, राइफल की मैगजीन, बुलेटप्रूफ सुरक्षा उपकरण और अन्य सामरिक सामान की तस्वीरें भी थीं।
घर की तलाशी में हथियार और कारतूस मिले
पुलिस के मुताबिक, पापोराकिस को उसके घर से बाहर निकलते समय हिरासत में लिया गया। इसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन, सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस, सामरिक उपकरण और जांच से संबंधित अन्य सामान बरामद किया गया।
बरामद वस्तुओं में बॉडी आर्मर वाला एक टैक्टिकल जैकेट भी शामिल था। उस पर श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ से जुड़ी तस्वीर वाला पैच लगा हुआ था।
जांचकर्ताओं ने इलेक्ट्रॉनिक संदेशों और पापोराकिस से जुड़े दस्तावेज की भी जांच की। पुलिस के अनुसार, दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारधारा से संबंधित बयान थे। इनमें दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख भी किया गया था।
11 अक्टूबर को हमले की आशंका
जांचकर्ताओं को आशंका है कि संदिग्ध 11 अक्टूबर को हमले की योजना बना रहा हो सकता था। संभावित निशाने पर ऑरोरा इलाके का कोई हिंदू धार्मिक स्थल था।
पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने का एक आरोप लगाया गया है, जो क्लास एक्स श्रेणी का गंभीर अपराध है। इसके अलावा, उस पर हथियारों को गैरकानूनी तरीके से रखने का आरोप भी है।
बुधवार को हिरासत से संबंधित सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। मामले की जांच अभी जारी है।
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