झांसी: रिश्वत और काली कमाई का खेल, जीएसटी अधिकारियों पर CBI का शिकंजा

झांसी में सेंट्रल जीएसटी के अधीक्षक अजय शर्मा और अनिल कुमार तिवारी के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। दोनों अधिकारियों को दिसंबर में उप आयुक्त प्रभा भंडारी और दो कारोबारियों के साथ लाखों रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया था।
जांच में सामने आया कि अजय शर्मा ने 1 जनवरी 2022 से 5 जनवरी 2026 के बीच अपने और परिवार के नाम पर कुल 4.57 करोड़ रुपये की संपत्तियां बनाई, जबकि उनके वैध आय स्रोतों से इस अवधि में केवल 1.11 करोड़ रुपये ही आय हुई थी। यानी उन्होंने अपनी वैध आय से तीन गुना अधिक संपत्ति अर्जित की।
इसी तरह, अनिल कुमार तिवारी ने 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2025 के बीच कुल 57.95 लाख रुपये वैध स्रोतों से कमाए, लेकिन संपत्तियों पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए।
उप आयुक्त प्रभा भंडारी पर भी कार्रवाई की तैयारी
CBI उप आयुक्त प्रभा भंडारी के खिलाफ भी जांच कर रही है और सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस जल्द दर्ज किया जाएगा।
मामला कैसे सामने आया
तीनों अधिकारियों ने झांसी में दो कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी के बाद मामला रफा-दफा करने के लिए 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। CBI को इसकी भनक लगी और उसने तीनों अधिकारियों के साथ एक कारोबारी और बिचौलिए के रूप में शामिल अधिवक्ता को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी भी बरामद हुई।
इस मामले ने झांसी में जीएसटी अधिकारियों की रिश्वतखोरी और संपत्ति निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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