वंदे मातरम पर इमरान मसूद का बयान, बोले- सम्मान से खड़ा रहूंगा लेकिन नहीं गाऊंगा
By Hitesh — August 17, 2026

HIGHLIGHTS
- इमरान मसूद ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हवाला दिया।
- उन्होंने कहा कि उनका रुख वंदे मातरम के अपमान या विरोध का नहीं है।
- सांसद ने देश और संविधान के प्रति सम्मान जताया।
Author: — Dainik Dehat
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय गीत का सम्मान करते हैं और इसके बजने के दौरान सम्मानपूर्वक खड़े भी रहेंगे, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के चलते वंदे मातरम नहीं गाएंगे।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि उनके मजहब में अल्लाह के अलावा किसी अन्य की वंदना या इबादत करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने संविधान में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक से उसकी धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार नहीं छीना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम को लेकर उनका रुख किसी तरह के अपमान या विरोध का नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की धार्मिक मान्यता और उसकी देशभक्ति को एक ही कसौटी पर नहीं परखा जा सकता। वह देश और संविधान का सम्मान करते हैं और अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए किसी राजनीतिक दल से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत जैसे संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।
ब्राह्मण संगठन ने जताया विरोध
अखिल भारतीय ब्राह्मण संगठन के मुख्य संयोजक विजय शर्मा ने इमरान मसूद के बयान पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनेता झूठी प्रसिद्धि हासिल करने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि वोट के समय ऐसे लोग सबसे पहले देवी-देवताओं के मंदिरों में जाते हैं, तिलक लगवाते हैं और प्रसाद भी चढ़ाते हैं, लेकिन लोगों की नजरों में आने के लिए इस तरह के बयान देते हैं।
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