पहले PA बनकर फोन, फिर खुद को मंत्री बताया; कपिल देव अग्रवाल के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में मंत्री कपिल देव अग्रवाल के नाम और पद के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया।
- ट्रैवल कारोबारी मोहम्मद शाहिद को पहले PA बनकर और फिर मंत्री बनकर फोन किया गया।
- 18 अगस्त को लखनऊ से चंडीगढ़ की फ्लाइट टिकट बुक कराने को कहा गया।
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के नाम और पद का कथित तौर पर दुरुपयोग कर साइबर धोखाधड़ी की कोशिश का मामला सामने आया है। शहर के ट्रैवल कारोबारी मोहम्मद शाहिद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कारोबारी का आरोप है कि अज्ञात लोगों ने पहले खुद को मंत्री का निजी सहायक बताया और बाद में मंत्री बनकर उनसे बातचीत की।
शिकायतकर्ता मोहम्मद शाहिद जॉन्स ट्रेवल्स, मुजफ्फरनगर के संचालक हैं। उनके अनुसार, मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मंत्री कपिल देव अग्रवाल का PA बताया और कहा कि कुछ देर बाद मंत्री उनसे बात करेंगे। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने फोन पर बातचीत की और खुद को राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल बताते हुए कहा कि उनके एक परिचित के लिए 18 अगस्त को लखनऊ से चंडीगढ़ की फ्लाइट टिकट बुक करानी है।
VIP अतिथि बताकर टिकट बुक करने को कहा
शाहिद के मुताबिक, फोन करने वाले ने यात्री को VIP अतिथि और पार्टी से जुड़ा व्यक्ति बताया। बातचीत के दौरान उन्हें कुछ संदेह हुआ। उन्होंने टिकट बुक करने से पहले यात्री की पहचान सत्यापित करने के लिए वैध पहचान पत्र मांगा। आरोप है कि शुरुआत में पहचान पत्र देने को लेकर टालमटोल की गई।
बाद में व्हाट्सएप के जरिए एक आधार कार्ड भेजा गया। उस पर भालिंदर पाल सिंह नाम लिखा था। कारोबारी ने जब संबंधित यात्री की पहचान की पुष्टि करने और सीधे मंत्री से बातचीत कराने को कहा तो कथित तौर पर फोन तुरंत काट दिया गया।
फोन काटने के बाद व्हाट्सएप से आधार भी डिलीट
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कॉल कटने के बाद व्हाट्सएप पर भेजा गया आधार कार्ड भी डिलीट कर दिया गया। उन्होंने संबंधित नंबर पर दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। इसके बाद कारोबारी को आशंका हुई कि किसी व्यक्ति या गिरोह ने मंत्री के नाम और पद का इस्तेमाल कर भरोसा हासिल करने और साइबर ठगी करने की कोशिश की है।
SSP को दी शिकायत, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की मांग
मोहम्मद शाहिद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप कॉल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का अनुरोध किया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पुलिस को मामले से जुड़े साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। इनमें व्हाट्सएप कॉल की वीडियो रिकॉर्डिंग, सामान्य कॉल की रिकॉर्डिंग और कॉल व व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट शामिल हैं।
जांच के बाद सामने आएगी मामले की पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कॉल करने वाले व्यक्ति वास्तव में कौन थे और क्या मंत्री कपिल देव अग्रवाल के नाम और पद का इस्तेमाल कर साइबर धोखाधड़ी का प्रयास किया गया था। यदि जांच में फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी की कोशिश की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ट्रैवल कारोबारी ने पुलिस से मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है।
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