केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले- इथेनॉल के लिए गन्ना डायवर्ट होने से महंगी हुई चीनी

HIGHLIGHTS
- अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को वीडियो संदेश जारी किया।
- उन्होंने कानपुर के एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला दिया।
- केजरीवाल ने 17 दिनों में चीनी के दाम बढ़ने का दावा किया।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गन्ने का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल इथेनॉल बनाने के लिए किए जाने से देश में चीनी का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।
65 रुपये किलो हुई चीनी
आप संयोजक ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कानपुर के एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट का विशेष रूप से हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 17 दिनों में चीनी की कीमतों में 20 रुपये प्रति किलोग्राम का भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि 17 दिन पहले 46 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिकने वाली चीनी अब बाजार में 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
निर्यात करने वाला देश अब आयात को मजबूर
केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के पीछे विदेशी मुद्रा बचाने का तर्क दिया था। लेकिन इस नीति के कारण गन्ने को चीनी उत्पादन के बजाय इथेनॉल बनाने के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इसका सीधा असर चीनी उत्पादन पर पड़ा और इसमें भारी गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि भारत कुछ समय पहले तक दुनिया भर में चीनी का निर्यात करता था, लेकिन आज अपनी गलत नीतियों के कारण चीनी आयात करने की योजना बना रहा है।
इंजन खराब होने और माइलेज गिरने का दावा
महंगी चीनी के मुद्दे के साथ केजरीवाल ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों को होने वाले नुकसान का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज काफी कम हो रहा है और गाड़ियों के इंजन भी जल्दी खराब हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से आम आदमी को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ रसोई में चीनी महंगी खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप पर पैसे खर्च करने के बावजूद गाड़ियों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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