पश्चिम एशिया तनाव के बीच कोनेरू हंपी ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से लिया नाम वापस

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की शीर्ष शतरंज खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर Koneru Humpy ने इस महीने के अंत में साइप्रस में आयोजित होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया है। हंपी का कहना है कि मौजूदा हालात में वहां जाकर पूरी एकाग्रता के साथ खेलना उनके लिए संभव नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा उनके लिए किसी भी आर्थिक लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है और संभावित जुर्माने की चिंता उन्हें अपने फैसले से पीछे नहीं हटा सकती।
28 मार्च से शुरू होना है टूर्नामेंट
शतरंज की विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनौती देने वाले खिलाड़ियों का चयन करने वाला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 28 मार्च से साइप्रस में शुरू होना प्रस्तावित है। मौजूदा पुरुष विश्व चैंपियन D. Gukesh हैं, जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की Ju Wenjun के पास है।
युद्ध जैसे माहौल में खेलना मुश्किल
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में हंपी ने कहा कि ऐसे वातावरण में प्रतियोगिता में भाग लेना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि जब चारों ओर युद्धपोत और तनावपूर्ण स्थिति हो, तो किसी खिलाड़ी के लिए शांत मन से खेलना संभव नहीं रहता। एक विदेशी महिला खिलाड़ी होने के नाते उनकी चिंताएं और भी बढ़ जाती हैं।
जुर्माने का डर नहीं
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में कुल 16 खिलाड़ी भाग लेते हैं, जिनमें आठ ओपन और आठ महिला वर्ग से होते हैं। हंपी इस सूची से नाम वापस लेने वाली अकेली खिलाड़ी हैं। उनके इस फैसले पर आर्थिक जुर्माना लग सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है।
हंपी के अनुसार, ऐसे नियम अक्सर खिलाड़ियों को खुलकर अपनी बात रखने से रोकने के लिए बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल पैसों के लिए नहीं खेलतीं, बल्कि खेल का आनंद लेने के लिए शतरंज खेलती हैं।
टूर्नामेंट को टाला जा सकता था
हंपी का मानना है कि आयोजकों के पास प्रतियोगिता को कुछ समय के लिए टालने या किसी अन्य स्थान पर आयोजित करने का विकल्प था। उन्होंने कहा कि अगर टूर्नामेंट को एक महीने के लिए भी स्थगित किया जाता तो इससे कोई बड़ा अंतर नहीं पड़ता।
पिछले वर्ष महिला विश्व कप में उपविजेता रहने के बाद कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाली हंपी ने कहा कि दुनिया में कई सुरक्षित स्थान हैं जहां यह प्रतियोगिता कराई जा सकती थी।
सुरक्षा हालात को लेकर चिंता
हंपी ने बताया कि साइप्रस भौगोलिक रूप से लेबनान और इज़राइल के काफी करीब है। हाल ही में वहां स्थित ब्रिटेन के सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमले की खबरें भी सामने आई हैं। साइप्रस के राष्ट्रपति ने भी यूरोपीय संघ के साथ बातचीत में इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा कि जब किसी देश के शीर्ष नेतृत्व को भी सुरक्षा को लेकर चिंता है, तो एक विदेशी महिला खिलाड़ी के तौर पर उनकी आशंका स्वाभाविक है।
सभी खिलाड़ियों के खेलने से निर्णय सही नहीं
हंपी ने यह भी कहा कि यदि अन्य खिलाड़ी टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि प्रतियोगिता को जारी रखना पूरी तरह सही निर्णय है। उनके मुताबिक ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में आयोजन टालना बेहतर विकल्प हो सकता था।
अन्ना मुजिचुक को मिला मौका
हंपी के हटने के बाद अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ FIDE ने उनकी जगह यूक्रेन की Anna Muzychuk को टूर्नामेंट में शामिल किया है। नियमों के अनुसार महिला इवेंट्स सीरीज 2024–25 में अगला सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करने वाली खिलाड़ी को यह अवसर दिया गया है।
अन्ना मुजिचुक इससे पहले 2016 में महिला विश्व रैपिड चैंपियन रह चुकी हैं और 2014 तथा 2016 में महिला विश्व ब्लिट्ज चैंपियन का खिताब भी जीत चुकी हैं।
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