लालू प्रसाद को सीवान कोर्ट से मिली जमानत, 2011 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में दी राहत

HIGHLIGHTS
- राजद प्रमुख लालू प्रसाद को शुक्रवार को सीवान की अदालत से जमानत मिली।
- मामला 2011 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है।
- लालू प्रसाद प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM-1) की अदालत में पेश हुए।
सीवान। राजद प्रमुख लालू प्रसाद को शुक्रवार को बिहार के सीवान जिले की अदालत से बड़ी राहत मिली। अदालत ने उन्हें 2011 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में जमानत दे दी। लालू प्रसाद शुक्रवार को प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM-1) की अदालत में पेश हुए। अदालत की सुनवाई में लगातार गैरहाजिर रहने के चलते उनके खिलाफ पहले वारंट जारी किया गया था। इसके बाद उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया गया था।
लालू प्रसाद के अधिवक्ता कामेश्वर तिवारी ने पत्रकारों को बताया कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उनके मुवक्किल पहले अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए थे। अदालत में पेश नहीं होने के पीछे उनकी जानबूझकर अनुपस्थित रहने की कोई मंशा नहीं थी।
कामेश्वर तिवारी ने बताया कि उन्होंने अदालत को लालू प्रसाद की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दी और उनकी अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट किया। वकील के मुताबिक, अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार करते हुए लालू प्रसाद को जमानत प्रदान कर दी।
2011 के चुनाव प्रचार से जुड़ा है मामला
यह मामला वर्ष 2011 में दरौंदा विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज किया गया था। आरोप है कि चुनाव प्रचार के अंतिम दिन लालू प्रसाद ने निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी एक चुनावी सभा को संबोधित किया था। इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया था।
इस मामले में दूसरे आरोपी और उस समय राजद के प्रत्याशी रहे परमेश्वर सिंह का निधन हो चुका है।
जमानत मिलने के बाद समर्थकों से मिले लालू प्रसाद
अदालत से जमानत मिलने की खबर के बाद बड़ी संख्या में लालू प्रसाद के समर्थक परिसर के बाहर एकत्र हो गए। इसके बाद लालू प्रसाद दिवंगत बाहुबली नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा साहब के आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
गौरतलब है कि ओसामा सीवान की रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद के विधायक हैं।
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