महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, नदिया प्रशासन पर कोर्ट आदेश के उल्लंघन का आरोप

HIGHLIGHTS
- महुआ मोइत्रा ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।
- याचिका में नदिया के स्थानीय अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं।
- मामले में CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने जल्द सुनवाई की मांग की गई।
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन पर अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
याचिका में महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि हाई कोर्ट के सुरक्षात्मक आदेश के बावजूद नदिया जिला प्रशासन ने उन्हें रात 11 बजे सर्किट हाउस स्थित उनके आधिकारिक निर्वाचन क्षेत्र आवास से जबरन बाहर निकाल दिया।
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले को उठाते हुए महुआ मोइत्रा की ओर से जल्द सुनवाई और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने हाई कोर्ट के सुरक्षात्मक आदेश के बावजूद आधी रात को उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्र के आवास से बेदखल कर दिया। यह जानकारी बार एंड बेंच के हवाले से सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग
बार एंड बेंच के अनुसार, मोइत्रा के वकील ने कहा, "क्या मैं एक महिला सांसद द्वारा दायर अनुच्छेद 32 याचिका का उल्लेख कर सकता हूं, जिन्हें स्थानीय अधिकारियों, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा रात 11 बजे उनके निर्वाचन क्षेत्र के आवास से बेदखल कर दिया गया था?
उन्होंने कहा कि इस मामले में व्यापक निर्देश की जरूरत है, क्योंकि इसमें संघवाद से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। साथ ही स्वतंत्र जांच की भी आवश्यकता है। वकील ने कहा कि यह घटना हाई कोर्ट द्वारा पहले ही सुरक्षात्मक आदेश पारित किए जाने के बावजूद हुई। उन्होंने मामले को जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया, क्योंकि इसमें महत्वपूर्ण संवैधानिक मुद्दा शामिल है।
क्या है पूरा मामला?
इस महीने की शुरुआत में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि स्थानीय प्रशासन ने उन्हें देर रात नदिया के एक सर्किट हाउस में स्थित अपना कमरा खाली करने के लिए कहा था।
मोइत्रा के मुताबिक, वह शाम 6:30 बजे सर्किट हाउस पहुंची थीं और उन्हें वही कमरा दिया गया था, जहां वह आमतौर पर ठहरती हैं। इसके बाद उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए बताया था कि रात 9:20 बजे उन्हें कमरे में खाना परोसा गया और रात 9:47 बजे उन्हें फोन कर कमरा खाली करने के लिए कहा गया।
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