रांची: CUJ में मेस शुल्क बढ़ने पर छात्रों का प्रदर्शन, दो छात्र भूख हड़ताल पर बैठे

HIGHLIGHTS
- छात्रों के अनुसार हर महीने 3071 रुपये मेस शुल्क लिया जा रहा है।
- नई एजेंसी आने के बाद शुल्क बढ़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ।
- छात्रों ने पहले से तय शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराने की मांग की।
रांची (पिठौरिया)। सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड (सीयूजे) में मेस शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर रविवार को छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच विवाद हो गया। शुल्क में बढ़ोतरी से नाराज छात्रों ने सीयूजे के मुख्य गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की कि पहले से निर्धारित शुल्क के अनुसार ही उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाए। छात्रों ने तय राशि से अधिक मेस शुल्क देने से साफ इनकार कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद सीयूजे प्रशासन ने डॉ. अनुराग लिंडा के नेतृत्व में छात्रों से बातचीत की।
बताया गया कि पहले मेस संचालन की जिम्मेदारी जिस एजेंसी के पास थी, उसने मेस शुल्क कम निर्धारित किया था। अब नई एजेंसी के आने के बाद शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है।
छात्रों की मांग थी कि पहले से तय शुल्क के आधार पर ही भोजन उपलब्ध कराया जाए और उनसे अतिरिक्त राशि न ली जाए। धरने की जानकारी मिलने के बाद डीएसडब्ल्यू ने पहल करते हुए छात्रों से बातचीत की। सीयूजे प्रशासन और छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद मामले का समाधान कर लिया गया।
डॉ. अनुराग लिंडा ने बताया कि छात्रों को उनकी मांग और मेस शुल्क से संबंधित मुद्दे पर आश्वासन दिया गया है। वहीं, सीयूजे मनातू में मेस शुल्क बढ़ने और भोजन की गुणवत्ता को लेकर हॉस्टल के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने मेस शुल्क कम करने, भोजन की गुणवत्ता सुधारने और मेस व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की है।
विरोध में दो छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रों के मुताबिक, वर्तमान में प्रत्येक हॉस्टल छात्र से हर महीने 3071 रुपये मेस शुल्क लिया जा रहा है। छात्रों ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर टोकन सिस्टम लागू करने की मांग की है।
छात्रों का आरोप है कि मेस शुल्क बढ़ने के बावजूद वहां मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। मेस की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए हैं। छात्रों ने सीयूजे प्रशासन को दिए पत्र में सात सूत्रीय मांगें रखी हैं।
इन मांगों में मेस में पेशेवर कुक की रोटेशन के आधार पर व्यवस्था, हॉस्टल के अनुसार मेन्यू में बदलाव, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल और मेस शुल्क का अग्रिम भुगतान नहीं लेने की मांग शामिल है।
छात्रों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से कुछ छात्रों को हॉस्टल से निकालने की धमकी भी दी जा रही है। छात्रों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने की बात भी कही है।
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