मेरठ: लोकप्रिय अस्पताल में मरीज ने दूसरी मंजिल से कूदकर दी जान, परिजनों का हंगामा

मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती मरीज ने शुक्रवार रात आत्मघाती कदम उठा लिया। हाइडिल कॉलोनी, जेल चुंगी निवासी संजय चौधरी (46) ने अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम की कांच लगी खिड़की तोड़कर नीचे छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार संजय चौधरी बुधवार से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। उनके साले और बिजली विभाग में लिपिक प्रदीप डोगरा ने बताया कि संजय शहर के एक माइक्रोटेक सर्विस सेंटर में कार्यरत थे। लंबे समय से कमजोरी और बीमारी के चलते उन्होंने डॉक्टर को दिखाया था, जहां जांच में उनका हीमोग्लोबिन बेहद कम पाया गया। इसी के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें 31 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे संजय ने बाथरूम जाने की बात कही। इसके बाद वह दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम में गए, जहां उन्होंने शीशे की खिड़की तोड़ दी और नीचे कूद गए। नीचे मौजूद सुरक्षा गार्ड ने घटना देख शोर मचाया, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
घायल अवस्था में संजय को तत्काल आईसीयू में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। उनका आरोप था कि अस्पताल में निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
सूचना पर नौचंदी थाना प्रभारी और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे। शुरुआत में परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे, लेकिन अधिकारियों के समझाने पर देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। परिजनों की ओर से मिलने वाली तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना से पहले सामान्य थे हालात
प्रदीप डोगरा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे वे संजय से मिलकर लौटे थे। उस समय उन्होंने खाना खाया था और खुद को बेहतर महसूस करने की बात कही थी। परिजनों का कहना है कि उस वक्त किसी भी तरह की परेशानी के संकेत नजर नहीं आए।
पत्नी ने लगाए आरोप
संजय की पत्नी ज्योति ने अस्पताल कर्मचारियों पर गलत दवा दिए जाने का आरोप लगाया है और कहा कि इलाज में लापरवाही बरती गई।
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