रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, सेंट पीटर्सबर्ग के तेल ठिकानों में लगी आग

HIGHLIGHTS
- जापोरिज्जिया में रूसी हमले से एक महिला की मौत
- जेलेंस्की ने एक सप्ताह में ऊर्जा क्षेत्रों पर 76 हमलों का लगाया आरोप
- यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की सहमति पर उठे सवाल
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए। यूक्रेन ने रूस के कई क्षेत्रों में एक हजार से अधिक ड्रोन दागे। इन हमलों के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और तेल डिपो में आग लग गई। स्थानीय गवर्नर अलेक्जेंडर बेगलोव के अनुसार, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि पांच लोग घायल हो गए।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन की ओर से रूस के तेल ठिकानों पर किए जा रहे हमलों की आलोचना की थी। उन्होंने दोनों देशों से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की भी बात कही थी।
रूस के किन ठिकानों को पहुंचा नुकसान?
रविवार को हुए ड्रोन हमलों के बाद सेंट पीटर्सबर्ग स्थित तेल निर्यात टर्मिनल और रुची तेल डिपो में आग लग गई। इसके अलावा, रूसी रिटेल कंपनी ओजोन के लॉजिस्टिक्स सेंटर और टेक कंपनी वीके के डेटा सेंटर को भी निशाना बनाया गया। दोनों कंपनियों ने अपने ठिकानों पर हमले होने की पुष्टि की है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने देश के 15 क्षेत्रों, क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर कुल 1,015 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। क्रीमिया यूक्रेन का हिस्सा है, जिस पर रूस ने कब्जा कर रखा है। इस हमले को यूक्रेन के अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया जा रहा है।
क्या रूस ने भी यूक्रेन पर किया हमला?
रूस ने यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया पर दो हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में एक महिला की जान चली गई, जबकि कम से कम दो लोग घायल हुए। घायलों में छह साल की एक बच्ची भी शामिल है।
जापोरिज्जिया क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख मायखाइलो सेमिकिन ने बताया कि रूसी हमलों में दो अपार्टमेंट इमारतों, 18 कारों और एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा।
रविवार के हमलों से जुड़ी प्रमुख बातें
यूक्रेन ने रूस के कई क्षेत्रों में एक हजार से अधिक ड्रोन हमले किए। रूस ने 1,015 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट करने का दावा किया।
सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और रुची तेल डिपो में आग लग गई। हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए।
रूस के हमले में जापोरिज्जिया में एक महिला की मौत हो गई। घायलों में छह साल की बच्ची भी शामिल है।
ओजोन के लॉजिस्टिक्स सेंटर और वीके के डेटा सेंटर को भी निशाना बनाया गया। दोनों कंपनियों ने हमले की पुष्टि की।
रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर क्या सहमति बनी थी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को कहा था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने इस सहमति से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की थी।
इसके बावजूद यूक्रेन ने रूस पर ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यूक्रेन ने गुरुवार को तीन दिन के अंतराल के बाद रूसी तेल ठिकानों पर हमले दोबारा शुरू करने की पुष्टि की थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ट्रंप की घोषणा के बाद एक सप्ताह के भीतर रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्रों पर 76 बार हमले किए। उन्होंने बताया कि पिछली रात भी यूक्रेन के चार क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इसके कारण हजारों परिवार अब भी बिजली के बिना रह रहे हैं।
जेलेंस्की ने अमेरिका से क्या अपील की?
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेन में बिजली आपूर्ति बाधित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अमेरिका से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की।
जेलेंस्की के अनुसार, प्रतिबंधों में राहत मिलने या समझौते होने के बावजूद रूस अपनी ओर से कोई जवाबी कदम नहीं उठा रहा है। इसके बजाय, वह हर अवसर का इस्तेमाल युद्ध से लाभ कमाने के लिए कर रहा है।
उन्होंने कहा कि युद्ध यूक्रेन के अपनी रक्षा करने के कारण नहीं, बल्कि रूस के आक्रमण की वजह से जारी है। जेलेंस्की ने जोर दिया कि शांति की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाना आवश्यक है।
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