शंकराचार्य से बदसलूकी गलत, यह ऋषि-कृषि का देश: राकेश टिकैत

मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ कथित अनुचित व्यवहार को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की घटना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। टिकैत ने जोर देकर कहा कि भारत ऋषि-मुनियों और कृषि की भूमि है और संतों के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए।
संतों का सम्मान बनाए रखना जरूरी
बिलारी में अपने बयान में टिकैत ने कहा कि शंकराचार्य को रोकने का तरीका पूरी तरह अनुचित था। पुलिस को चाहिए था कि उन्हें सम्मान के साथ स्नान कराया जाता। उन्होंने चेतावनी दी कि संतों की नाराजगी पूरे देश के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।
वीडियो ने विवाद बढ़ाया
राकेश टिकैत ने कहा कि चोटी पकड़कर खींचने वाला वीडियो बेहद निंदनीय है और किसी भी संत के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
किसानों के लिए MSP कानून की मांग
टिकैत ने किसानों की आर्थिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी नहीं मिल पाई है। उन्होंने सरकार से MSP कानून बनाने की मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि 2021 में इस विषय पर बातचीत हुई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सामाजिक और वैचारिक चेतना पर जोर
टिकैत ने कहा कि देश को स्वतंत्र होने में 90 साल लगे, लेकिन अब वैचारिक क्रांति की आवश्यकता है। उनका कहना था कि सरकार को व्यापारियों या उद्योगपतियों के लिए नहीं बल्कि किसानों और आम जनता के हित में काम करना चाहिए।
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