मुजफ्फरनगर: बजट से एमएसएमई को संजीवनी, उद्यमियों में उत्साह

मुजफ्फरनगर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट 2026 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान ने जिले के उद्यमियों में नई उम्मीद जगा दी है। इस बजटीय फैसले से मुजफ्फरनगर के लगभग 30 हजार एमएसएमई से जुड़े उद्योगों और कारोबारों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है, जिन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
जिले में संचालित एक एमएसएमई इकाई का औसत वार्षिक कारोबार पांच करोड़ रुपये से अधिक आंका जाता है। इस आधार पर देखा जाए तो मुजफ्फरनगर में एमएसएमई क्षेत्र का कुल सालाना टर्नओवर 15 अरब रुपये से भी अधिक बैठता है। हालांकि जिला उद्योग केंद्र के रिकॉर्ड में 20 हजार से अधिक इकाइयां ही पंजीकृत हैं, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा बताई जा रही है।
उद्योग जगत में उत्साह का माहौल
बजट में एमएसएमई सेक्टर को प्राथमिकता दिए जाने से जिले के उद्यमियों में खुशी देखी जा रही है। उनका मानना है कि इससे न केवल कारोबार को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। वर्तमान में मुजफ्फरनगर का एमएसएमई क्षेत्र करीब साढ़े चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
जिले में पेपर उद्योगों के मझोले यूनिट, घरेलू उपयोग की प्लास्टिक वस्तुएं, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग वर्कशॉप, फूड प्रोसेसिंग, गुड़ उद्योग, प्लास्टिक और अन्य छोटे-मझोले उद्योग बड़ी संख्या में संचालित हो रहे हैं, जो जिले की औद्योगिक पहचान बने हुए हैं।
सरकारी योजनाओं से मिल रहा सहयोग
केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए उद्यम पंजीकरण, सीजीटीएमएसई, ब्याज सब्सिडी, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और एमडीए जैसी कई योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत स्थानीय उद्यमियों को आधुनिक मशीनरी, बैंक ऋण, तकनीकी सहयोग और बाजार से जुड़ने में सहायता मिल रही है। आगरा स्थित एमएसएमई डीएफओ कार्यालय, जिसके अंतर्गत मुजफ्फरनगर आता है, उद्यमियों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और उद्यमिता विकास कार्यक्रम भी उपलब्ध करा रहा है।
बजट में एमएसएमई पैकेज की घोषणा के बाद जिले के उद्योग जगत ने केंद्र सरकार के इस कदम को सकारात्मक बताया है।
उद्यमियों की प्रतिक्रियाएं
कुश पुरी (नेशनल सेक्रेटरी, आईआई):
आम बजट 2026 विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। निवेश, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।
पवन कुमार गोयल (डिवीजन सेक्रेटरी):
यह बजट एमएसएमई के लिए राहत देने वाला साबित होगा। क्रेडिट सपोर्ट और टैक्स सरलीकरण से ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।
अमित जैन (चेयरमैन, आईआईए):
लघु और मध्यम उद्यमियों के लिए यह बजट भरोसा बढ़ाने वाला है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और टैक्स नियमों में स्पष्टता से उद्योगों को सुविधा मिलेगी।
राहुल मित्तल (सचिव, आईआईए):
कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी से इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को बल मिलेगा। बेहतर क्रेडिट फ्लो से छोटे उद्योगों की कार्यशील पूंजी मजबूत होगी।
सुधीर अग्रवाल (कोषाध्यक्ष, आईआईए):
जीएसटी रिफंड प्रक्रिया में सरलता और तेज रिफंड से एमएसएमई और निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा।
उद्योग प्रतिनिधि:
बजट में 10 हजार करोड़ के ग्रोथ फंड और क्रेडिट गारंटी स्कीम के विस्तार से लघु उद्योगों के लिए ऋण की उपलब्धता आसान होगी।
अभिषेक अग्रवाल (पेपर मिल उद्यमी):
इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और तकनीक में बढ़ा निवेश रोजगार सृजन में सहायक होगा, हालांकि छोटे उद्योगों को तत्काल टैक्स राहत नहीं मिली।
राजीव बंसल (बर्तन कारोबारी):
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एम्स और कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट सराहनीय कदम है। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
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