मुजफ्फरनगर: तीन करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर 3 करोड़ 9 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी नेपाल और कंबोडिया में बैठे अंतरराष्ट्रीय ठगों के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के दो सदस्यों को जेल भेज चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया गया है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि नई मंडी निवासी सचिन कुमार ने 9 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उनकी पहचान एक व्यक्ति से हुई, जिसने निवेश में मोटा लाभ दिलाने का लालच देकर उनसे 3 करोड़ 9 लाख रुपये ठग लिए।
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पहले मोहम्मद माज और अम्बरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड खालिद को गिरफ्तार किया। खालिद वर्तमान में साईपुरम बस्ती, कोतवाली नगर, बाराबंकी का रहने वाला है, जबकि उसका मूल निवास दिलदार नगर, गाजीपुर बताया गया है। गिरोह का एक अन्य सदस्य उपेंद्र चंदेल, निवासी मिर्जापुर खड़ंजा, कल्याणपुर (कानपुर) अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
नेपाल जाकर सीखा ऑनलाइन ठगी का तरीका
एसपी क्राइम ने बताया कि खालिद ग्रेजुएट है और नौकरी की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात सार्थक नामक युवक से हुई, जो निवेश के नाम पर पैसों का लेन-देन करता था। कुछ समय उसके साथ काम करने के बाद पूरी रकम न मिलने पर खालिद का संपर्क अमान नामक व्यक्ति से हुआ, जो नेपाल में रहकर भारत के लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था। खालिद उसके साथ नेपाल गया और वहीं साइबर फ्रॉड के तरीके सीखे। इस नेटवर्क के सदस्य नेपाल, चीन, सिंगापुर और कंबोडिया से भारत में ठगी को अंजाम देते थे। बाद में खालिद नेपाल से एक मोबाइल और नेपाली सिम लेकर भारत लौट आया।
फर्जी नामों से टेलीग्राम पेज बनाकर की ठगी
पुलिस के अनुसार, खालिद ने भारत आकर ‘जार्डन’ और ‘जेम्स’ जैसे नामों से टेलीग्राम पेज बनाए। इन पेजों के जरिए उसने ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था की। अब तक वह 50 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल कर चुका है और खाताधारकों को दो प्रतिशत कमीशन देता था। पहले गिरफ्तार आरोपियों ने उसे तीन बैंक खाते उपलब्ध कराए थे, जिसके बदले उसने अपने साथियों को करीब 1 लाख 30 हजार रुपये दिए थे।
23 शिकायतें, 10 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी
एसपी क्राइम ने बताया कि खालिद ने अलग-अलग नामों से टेलीग्राम पेज बनाकर कई करोड़ रुपये की ठगी की। जून से दिसंबर के बीच उसने करीब 17 लाख रुपये की कमाई की। पुलिस ने पीड़ित सचिन कुमार से जुड़े 50 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ तमिलनाडु, दिल्ली और महाराष्ट्र में भी साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार, विभिन्न राज्यों से कुल 23 शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
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