बारामती उपचुनाव में नया मोड़: कांग्रेस नहीं उतारेगी उम्मीदवार

महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाल ही में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी का यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नाथाला ने बताया कि पार्टी ने अपने उम्मीदवार को मैदान से हटाने का निर्देश दे दिया है। पहले आकाश मोरे ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अब वह अपना नामांकन वापस लेने वाले हैं। चूंकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख आज ही थी, इसलिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस ने चुनाव न लड़ने का कारण बताया
पार्टी ने कहा कि यह उपचुनाव अजित पवार के निधन के बाद हो रहा है, इसलिए सम्मान के तौर पर किसी भी राजनीतिक मुकाबले से दूर रहना ही उचित है। कांग्रेस के अनुसार, यह फैसला संवेदनशीलता और राजनीतिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अन्य नेताओं की अपील
इससे पहले कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस से चुनाव न लड़ने का अनुरोध किया था। शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत अन्य नेताओं ने कहा था कि यह चुनाव दुखद परिस्थिति में हो रहा है, इसलिए इसे सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराना चाहिए।
पहले भी हुई थी राजनीतिक हलचल
उपचुनाव को लेकर पहले माहौल थोड़े तनावपूर्ण थे। सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने कांग्रेस पर उम्मीदवार उतारने को लेकर सवाल उठाए थे और पार्टी के भविष्य को लेकर टिप्पणी की थी। हालांकि, अब कांग्रेस के इस फैसले के बाद राजनीतिक विवाद कम होने की संभावना है।
अब बारामती में क्या होगा?
कांग्रेस के मैदान से हटने के बाद सुनेत्रा पवार का रास्ता आसान माना जा रहा है। यदि कोई बड़ा उम्मीदवार सामने नहीं आता, तो यह चुनाव लगभग निर्विरोध हो सकता है। बारामती सीट पर अजित पवार आठ बार विधायक रह चुके थे और यह क्षेत्र उनके मजबूत राजनीतिक प्रभाव का केंद्र माना जाता है।
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