बंगाल चुनाव के पहले चरण में 91% से ज्यादा वोटिंग, तमिलनाडु ने भी बनाया रिकॉर्ड

HIGHLIGHTS
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाते हुए रिकॉर्ड मतदान किया है।
- राज्य की 152 सीटों पर लगभग 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले कई चुनावों की तुलना में काफी अधिक है।
- इससे पहले 2011 में करीब 84 प्रतिशत, 2016 में 82.66 प्रतिशत और 2021 में 81.56 प्रतिशत मतदान हुआ था।
- पहले चरण में उत्तरी बंगाल के कई जिलों में जबरदस्त वोटिंग देखने को मिली।
- कूच बिहार में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जबकि अलीपुरद्वार में 88 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े।
- जलपाईगुड़ी में मतदान…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाते हुए रिकॉर्ड मतदान किया है। राज्य की 152 सीटों पर लगभग 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले कई चुनावों की तुलना में काफी अधिक है। इससे पहले 2011 में करीब 84 प्रतिशत, 2016 में 82.66 प्रतिशत और 2021 में 81.56 प्रतिशत मतदान हुआ था।
पहले चरण में उत्तरी बंगाल के कई जिलों में जबरदस्त वोटिंग देखने को मिली। कूच बिहार में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जबकि अलीपुरद्वार में 88 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े। जलपाईगुड़ी में मतदान 91 प्रतिशत से ऊपर रहा, वहीं कलिम्पोंग में 81 प्रतिशत से अधिक और दार्जिलिंग में करीब 86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। उत्तर दिनाजपुर में भी 90 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े, जबकि दक्षिण दिनाजपुर में 93 प्रतिशत से ज्यादा मतदान के साथ रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज की गई।
मतदान के दौरान हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं
जहां एक ओर रिकॉर्ड मतदान हुआ, वहीं कुछ इलाकों से हिंसा और विवाद की खबरें भी सामने आईं। बीरभूम जिले के खैराशोल इलाके में मतदान के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि यहां केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।
कुछ मतदाताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ईवीएम पर एक पार्टी के लिए बटन दबाने के बावजूद वोट दूसरी पार्टी के खाते में दर्ज हो रहा था। इस आरोप के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कुछ समय के लिए मतदान भी रोक दिया। यह घटना दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खैराशोल ब्लॉक के बुधपुर गांव के बूथ संख्या 65 पर बताई जा रही है। इसके अलावा कई स्थानों से राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमले की भी खबरें सामने आईं।
बीजेपी और टीएमसी के दावे
रिकॉर्ड मतदान के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे भी करने शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले चरण की वोटिंग से साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में बदलाव की लहर है और बीजेपी को बड़ी जीत मिल सकती है।
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भरोसा जताया कि जनता एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस पर विश्वास जताएगी और राज्य में उनकी सरकार ही बनेगी। इस बीच बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी दावा किया कि चुनावी रुझान राज्य में बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।
तमिलनाडु में भी हुआ जोरदार मतदान
पश्चिम बंगाल के साथ ही तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया। राज्य की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें करीब 84.35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। आम मतदाताओं के साथ-साथ कई उम्मीदवार, राजनीतिक नेता और अन्य प्रमुख हस्तियां भी मतदान करने के लिए पहुंचीं।
अगले चरण और मतगणना की तारीख
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 1448 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी, इसके बाद ईवीएम में दर्ज वोटों की गणना चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
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