पंडित दीनदयाल पुण्यतिथि: पीएम मोदी बोले- उनके सिद्धांत हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को देश के हर नागरिक और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
यहां देखें पीएम मोदी का x पर किया गया पोस्ट...
एकात्म मानव दर्शन के प्रवर्तक
पंडित दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से एक थे और वे राजनीतिक चिंतन, अर्थशास्त्र तथा सामाजिक दर्शन में ख्याति प्राप्त थे। वे विशेष रूप से अपने ‘एकात्म मानव दर्शन’ के लिए जाने जाते थे। उनके अनुसार, विकास सिर्फ आर्थिक या भौतिक प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के साथ संतुलित होना आवश्यक है। उपाध्याय ने व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि आर्थिक नीतियों का लक्ष्य केवल उत्पादन या उपभोग बढ़ाना नहीं, बल्कि मानव के समग्र विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए।
अंत्योदय का संदेश आज भी प्रासंगिक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें अंत्योदय और एकात्म मानववाद का प्रणेता बताते हुए कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान ही राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक पैमाना है। शाह ने कहा कि दीनदयाल जी का यह संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा।
कर्मयोगी और राष्ट्रचिंतक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उपाध्याय को निस्वार्थ कर्मयोगी और महान विचारक करार देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ‘एकात्म मानव दर्शन’ और ‘अंत्योदय’ का उनका मंत्र आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रासंगिक है। उनके राष्ट्र सेवा और समर्पण के आदर्श हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
सबका साथ, सबका विकास का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित उपाध्याय की विचारधारा में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गांव, गरीब, महिला और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
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