समुद्री लुटेरों का कहर, 2 कमर्शियल जहाज किए हाईजैक; 22 भारतीय समेत 30 क्रू सदस्य सवार

HIGHLIGHTS
- एमटी सिबू 1 को यमन के तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया।
- एम/वी लुटुफ को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हाईजैक किया गया।
- एम/वी लुटुफ पर तुर्किये के हथियार और सैटेलाइट उपकरण लदे थे।
नई दिल्ली। यमन और सोमालिया के तट के पास हुई दो अलग-अलग घटनाओं में समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। दोनों जहाजों पर कुल 30 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 22 भारतीय नागरिक शामिल हैं। एमटी सिबू 1 पर 16 और एम/वी लुटुफ पर छह भारतीय नागरिक मौजूद थे। सोमालिया में हाईजैक किए गए जहाज पर तुर्किये के हथियार और संचार-सैटेलाइट उपकरण लदे थे। वहीं, एम/वी लुटुफ और उसके चालक दल की वर्तमान स्थिति को लेकर अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं है।
अदन की खाड़ी में तेल टैंकर पर हमला
शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 20 अगस्त को यमन के तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर अदन की खाड़ी में इरिट्रिया के झंडे वाले तेल उत्पाद टैंकर एमटी सिबू 1 को हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने कब्जे में ले लिया। जहाज पर कुल 20 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 16 भारतीय नागरिक थे। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद भारतीय पक्ष लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
पुंटलैंड तट के पास कार्गो जहाज भी बना निशाना
दूसरी घटना 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुई। यहां कैमरून के झंडे वाले कार्गो जहाज एम/वी लुटुफ को समुद्री लुटेरों ने हाईजैक कर लिया। जहाज पर 10 सदस्यीय क्रू था, जिसमें छह भारतीय नागरिक, एक तुर्किये का नागरिक, एक जॉर्जियाई नागरिक और दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल थे। सोमाली अधिकारियों के अनुसार, जहाज का मालिकाना हक पोलर मूवमेंट शिपिंग के पास बताया गया है। हाईजैक के बाद समुद्री लुटेरे जहाज को पुंटलैंड के नुगाल तट की तरफ ले गए।
मारेया के पास कब्जे में लिया गया जहाज
एक सोमाली अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि एम/वी लुटुफ को सोमवार को पुंटलैंड के ईयल जिले में मारेया से करीब साढ़े तीन नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया। अधिकारी ने बताया कि मामला संवेदनशील होने के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान बताने की अनुमति नहीं थी।
जहाज पर तुर्किये के हथियार और संचार उपकरण
अधिकारियों के मुताबिक, एम/वी लुटुफ तुर्किये के हथियार लेकर जा रहा था। इन हथियारों को मोगादिशु स्थित तुर्किये के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचाया जाना था। जहाज पर संचार और सैटेलाइट उपकरण भी मौजूद थे। घटना को लेकर तुर्किये के अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
आठ समुद्री लुटेरों ने किया जहाज पर कब्जा
सोमाली अधिकारी के अनुसार, करीब आठ समुद्री लुटेरों ने एम/वी लुटुफ पर कब्जा किया था। आशंका है कि यही समूह 26 अप्रैल को एम/वी स्वार्ड के हाईजैक में भी शामिल था। हाईजैक के बाद लुटेरे जहाज को पुंटलैंड के डांगोरोयो जिले में गारमाल के पास तट की ओर ले गए। इस दौरान इलाके में गतिविधियां बढ़ गईं और जहाज की निगरानी भी शुरू कर दी गई।
तुर्किये के जहाज और हेलिकॉप्टर पहुंचे
अधिकारी ने बताया कि बाद में तुर्किये के स्वामित्व वाले दो जहाज हाईजैक किए गए पोत के पास पहुंचे। इलाके में तुर्किये के हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी निगरानी कर रहे थे। मंगलवार को दो लोगों को लेकर एक छोटी नाव हाईजैक किए गए जहाज के पास पहुंची और वहां खाट पहुंचाया। सोमालिया में खाट एक उत्तेजक पदार्थ है, जिसे आमतौर पर चबाया जाता है।
हवाई हमले में चार लोगों की मौत
सोमाली अधिकारी के मुताबिक, छोटी नाव के तट पर लौटने के बाद इलाके में हवाई हमला हुआ। हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए। हालांकि, हमले की परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया था और मारे गए लोग जहाज के हाईजैक में शामिल समुद्री लुटेरे थे या नहीं।
जहाज और क्रू की मौजूदा स्थिति पर तस्वीर साफ नहीं
एम/वी लुटुफ, उसके चालक दल और जहाज पर लदे सामान की मौजूदा स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़ी कई जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हो सकी है। दोनों घटनाओं ने अदन की खाड़ी और सोमालिया के आसपास समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। भारतीय क्रू सदस्यों की मौजूदगी को देखते हुए उनकी सुरक्षित वापसी भारतीय अधिकारियों की प्राथमिकता बनी हुई है।
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