'स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं पीएम मोदी': ओम बिरला के दावे पर भड़कीं प्रियंका

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पीछे छिप रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री किसी तरह से नुकसान पहुंचाने की योजना में शामिल नहीं हैं और ऐसी अफवाहें पूरी तरह से झूठ हैं।
प्रियंका की यह प्रतिक्रिया स्पीकर ओम बिरला के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री के आसन के पास पहुंच सकते हैं और कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। इस कारण उन्होंने प्रधानमंत्री को सदन में भाषण देने के लिए आने से रोकने की सलाह दी थी।
स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बुधवार को उनके कार्यालय में कुछ सांसदों का रवैया अनुचित था, जिसे उन्होंने संसद की गरिमा पर काला धब्बा करार दिया।
प्रियंका गांधी ने इसके जवाब में कहा, "सरकार स्पीकर से यह सब करववा रही है क्योंकि कल प्रधानमंत्री में सदन में आने की हिम्मत नहीं थी। यह पूरी तरह झूठ है। प्रधानमंत्री को नुकसान पहुंचाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।" उन्होंने आगे कहा कि अगर सत्तापक्ष अपने सदस्यों को मनमानी करने और बेतुकी बातें कहने की छूट देगा, तो विपक्ष विरोध करेगा।
प्रियंका ने मीडिया से अपील करते हुए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और सरकार से सवाल किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसी सार्वजनिक स्रोत को उद्धृत करने से रोकने का कोई वैध आधार सरकार के पास है।
स्पीकर ओम बिरला ने पहले कहा था कि उस दिन लोकसभा में बने माहौल के कारण कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने बताया कि कुछ सांसदों ने न केवल सदन में, बल्कि उनके कार्यालय में भी ऐसा व्यवहार किया जो संसदीय परंपराओं के विपरीत था। स्पीकर ने इसे संसद की मर्यादा पर काला धब्बा बताया और सभी दलों से अपील की कि मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग आवश्यक है।
ओम बिरला ने यह भी बताया कि जब प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब देना था, तब उन्हें जानकारी मिली कि कुछ सांसद प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए उन्होंने एहतियातन प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया।
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