ईडी कार्रवाई पर सियासी बवाल, भाजपा ने पूछा- क्यों घबरा रही हैं ममता?

पश्चिम बंगाल में गुरुवार से राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजनीतिक परामर्श फर्म आईपैक (I-PAC) के कोलकाता स्थित ऑफिस और प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की। इसके बाद राज्य और केंद्र में सियासी घमासान तेज हो गया। शुक्रवार को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली और बंगाल में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर मोर्चा खोला।
भाजपा ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर आरोप लगाया
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंगाल में जांच प्रक्रिया को बाधित करना दुर्लभ और असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईडी की कार्रवाई में हस्तक्षेप करती हैं और अधिकारियों को धमकाती हैं। भाजपा ने कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी किसी भी जांच को आगे बढ़ने नहीं देती हैं और लोकतंत्र की प्रक्रियाओं को कमजोर कर रही हैं।
ईडी अधिकारियों को धमकाने का आरोप
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ईडी की टीम जब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई कर रही थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निजी संपत्ति में जाकर दस्तावेज छीनने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को धमकाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईडी की रेड एक निजी कंपनी पर केंद्रित थी, जो कोयला घोटाले से जुड़ी हुई है।
भाजपा ने ममता पर सवाल उठाए
भाजपा ने पूछा कि इस मामले में ममता बनर्जी इतनी घबराई हुई क्यों दिख रही हैं और वे इस जांच के दौरान क्या छिपाना चाहती हैं। पार्टी का कहना है कि ममता बनर्जी ने कार्रवाई के दौरान दस्तावेज उठा कर ले जाने का काम किया।
कोलकाता में ईडी की कार्रवाई और ममता का रुख
गौरतलब है कि गुरुवार को ईडी की टीम ने आईपैक के कोलकाता ऑफिस और प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की। इस दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुंचीं और ईडी पर दस्तावेज चोरी करने के आरोप लगाए। उन्होंने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया और कार्रवाई को राजनीतिक विरोध का हिस्सा बताया।
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