राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में महिलाओं के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं का किया शुभारंभ

दिल्ली: ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम के तहत भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने महिलाओं के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किया गया और होली से पहले राजधानी की महिलाओं और बेटियों को विशेष तोहफ़ा माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार प्रमुख योजनाओं का उद्घाटन किया:
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दिल्ली लखपति बिटिया योजना – पुराने लाडली स्कीम का विस्तार, जिसमें विभिन्न चरणों में कुल 56,000 रुपये जमा होंगे और 21 वर्ष की आयु तक राशि 1 लाख रुपये से अधिक होने की संभावना। पात्रता: परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से कम और जन्म दिल्ली में हुआ होना।
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मेरी पूंजी मेरा अधिकार योजना – 40,642 लाभार्थियों को परिपक्वता राशि सहित 100.25 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से।
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दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर – करीब 15.50 लाख परिवारों को होली और दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर उपलब्ध होंगे।
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पिंक कार्ड – दिल्ली की महिलाओं के लिए मुफ्त डीटीसी बस यात्रा का स्मार्ट कार्ड, जो मेट्रो और आरआरटीएस में सशुल्क यात्रा के लिए भी उपयोग होगा।
राष्ट्रपति ने कहा, “ये सभी कल्याणकारी योजनाएं दिल्ली की बहनों और बेटियों को सशक्त बनाएंगी और एक समृद्ध दिल्ली की दिशा में योगदान देंगी।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि इन पहलों से शिक्षा, मोबिलिटी और घरेलू सशक्तिकरण के तीन अहम क्षेत्रों को छुआ जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले फेज़ में 30,000 लड़कियों को डीबीटी के माध्यम से 90 करोड़ रुपये दिए गए।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पिंक कार्ड योजना का परिचय देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को बस में मुफ्त यात्रा का लाभ देना है और साथ ही होली और दिवाली पर दो सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराना भी शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि यह पहल महिलाओं की शिक्षा और रोज़मर्रा की सुविधाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाएगी।
पिंक कार्ड डिजिटल, आधार और मोबाइल से लिंक्ड है, जिससे डुप्लिकेशन पर रोक लगेगी और नकद लेन-देन कम होगा। इस कार्ड से महिलाओं को शिक्षा, नौकरी, स्वास्थ्य सेवाओं और यात्रा तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित होगी।
यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार की महिलाओं-केंद्रित पहलों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो राजधानी की लाखों महिलाओं और बेटियों को लाभ पहुंचाएगा।
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