'आपने कांग्रेस नेताओं को तोड़ा', प्रियंका गांधी और कल्याण बनर्जी के बीच हुई तीखी नोकझोंक

HIGHLIGHTS
- प्रियंका गांधी और कल्याण बनर्जी के बीच संसद परिसर में राजनीतिक बातचीत हुई।
- दोनों नेताओं ने कांग्रेस-TMC के पुराने रिश्तों पर चर्चा की।
- ममता बनर्जी और राजीव गांधी के राजनीतिक दौर का भी जिक्र हुआ।
नई दिल्ली। संसद परिसर में मकर द्वार के बाहर गुरुवार को एक दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ‘गद्दार’ लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा वहां पहुंचीं। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक घटनाओं और शिकायतों को लेकर हल्की-फुल्की बहस हुई। प्रियंका गांधी के साथ निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी मौजूद थे।
प्रियंका गांधी ने टीएमसी पर कसा तंज
दरअसल, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को संसद से निलंबित किया गया था, जिसके बाद वह मकर द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान प्रियंका गांधी वहां पहुंचीं।
प्रियंका गांधी ने तंज करते हुए कहा, "आप लोगों ने कांग्रेस के नेताओं को तोड़ा और टीएमसी में मिला लिया।" उनका इशारा उन कांग्रेस नेताओं की ओर था, जिन्होंने अलग-अलग समय पर पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा है।
कल्याण बनर्जी ने 1997 का दिलाया याद
प्रियंका गांधी के बयान पर कल्याण बनर्जी ने भी जवाब दिया। उन्होंने 1997 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को कांग्रेस से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अपनी इच्छा से अलग नहीं हुई थीं, बल्कि उन्हें पार्टी से निकाला गया था, जिसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का गठन किया।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह खुद युवा कांग्रेस में रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने पुराने नेताओं को नजरअंदाज किया, जिसकी वजह से आज पार्टी इस स्थिति में है। इसी दौरान जब पप्पू यादव कुछ बोलने के लिए आगे आए तो कल्याण बनर्जी ने कहा, "पप्पू यादव सुनो।"
राजीव गांधी के जिक्र पर बनी सहमति
बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने हमेशा ममता बनर्जी को आगे बढ़ाने और प्रोत्साहित करने का काम किया।
इस बात पर कल्याण बनर्जी ने भी सहमति जताई। उन्होंने माना कि शुरुआती राजनीतिक दौर में ममता बनर्जी को राजीव गांधी का समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि 1984 में जब ममता बनर्जी ने वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी को हराया था, तब राजीव गांधी ने उन्हें पार्टी में आगे बढ़ाया था।
टीएमसी सांसदों की बगावत के बीच प्रदर्शन
हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर सांसदों की नाराजगी, पार्टी छोड़ने और नए गुट बनाने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। टीएमसी ने असंतुष्ट सांसदों की गतिविधियों को ‘विश्वासघात’ बताया है।
संसद परिसर में ‘गद्दार’ लिखे पोस्टरों के साथ किया गया प्रदर्शन भी इसी अंदरूनी विवाद और नाराजगी का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी अपने बागी नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से संदेश देने की कोशिश कर रही है।
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