मार्को रुबियो की भारत यात्रा पर राहुल गांधी का PM मोदी पर तंज, बोले- चाहें तो मैं समझा सकता हूं

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
- अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात होगी।
- दौरे में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी ही इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आखिर क्या हो रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद भी इस मामले को समझा सकते हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर क्या लिखा?
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है। बेहतर होगा कि आप ही समझा दें। या फिर, अगर आप चाहें तो मैं भी समझा सकता हूं।'
मुंबई और जामनगर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे। भारत दौरे के दौरान वह मुंबई और जामनगर जाएंगे। इस दौरान उनकी भारतीय सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात होगी।
यात्रा का उद्देश्य भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करना तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार करना है। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी मुंबई में रुबियो से मुलाकात करने की संभावना है।
व्यापार और तकनीक पर भी होगी चर्चा
अमेरिकी प्रतिनिधि सर्जियो गोर के मुताबिक, रुबियो की यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा व्यापार पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने, तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर बातचीत होगी।
रुबियो कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इसका उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को और आगे बढ़ाना है।
रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का भी जिक्र
सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास और रक्षा साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों की ओर से निवेश बढ़ रहा है और कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में बड़े उत्पादन केंद्र स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की भूमिका पर बात करते हुए गोर ने कहा कि अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं खरीदता है।
उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले सप्ताह हुई बातचीत के बाद भी दोनों देशों के संबंधों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
भारत से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे रुबियो
भारत आने से पहले मार्को रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे। वहां वह C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होंगे और मध्य एशियाई देशों के अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
बैठक में अमेरिका और मध्य एशियाई देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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