छात्रों की भूख हड़ताल खत्म होने पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया, बोले- यह खबर सुनकर अच्छा लगा

HIGHLIGHTS
- सहमति के बाद छात्रों ने भूख हड़ताल समाप्त की
- राहुल गांधी ने बातचीत के जरिए समाधान का स्वागत किया
- कांग्रेस नेता ने निष्पक्ष प्रतियोगिता के अधिकार की बात कही
झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सोमवार रात सहमति बन गई। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है और यह खबर सुनकर अच्छा लगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता अपनाकर समाधान निकाला। उन्होंने कहा कि छात्रों ने संयम रखते हुए अपनी बात रखी।
राहुल गांधी ने कहा कि जब छात्र सवाल उठाएं तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के हर छात्र के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि रिकवरी सिस्टम को पूरी तरह बदला जाएगा, ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल मिले और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अधिकार मिले।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस सिस्टम को बदला जाएगा और ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा, जो छात्रों को आगे बढ़ाए, न कि उन्हें पीछे रोके।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी सरकार पर जाति जनगणना में बाधा डालने का आरोप लगाया। पार्टी ने सवाल किया कि 2027 की जनगणना में जाति के चयन के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू को क्यों शामिल नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में इसकी सिफारिश की थी।
विपक्षी दल ने क्या दावा किया?
कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना की घोषणा करके पूरी तरह यू-टर्न लिया था। पार्टी का आरोप है कि अब सरकार अपने पहले के यू-टर्न पर भी यू-टर्न ले रही है।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 21 सितंबर 2021 को मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर जाति जनगणना की याचिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था।
जयराम रमेश ने एक्स पर क्या कहा?
जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट में कहा कि हलफनामे के पैरा 12 (डी) में उल्लेख किया गया था कि 2011 की जनगणना से पहले जाति का कोई रजिस्टर तैयार नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि जाति रजिस्टर के लिए यह आदर्श होता कि जातियों के चयन के लिए एक ड्रॉप-डाउन मेनू दिया जाता, जिससे कुछ सुसंगत डेटा उपलब्ध हो पाता, जिस पर भरोसा किया जा सकता था।
बिहार और तेलंगाना में जाति सर्वेक्षण को लेकर क्या कहा?
जयराम रमेश ने बताया कि बिहार और तेलंगाना में जाति सर्वेक्षण किए जाने से पहले ही इस तरह का मेनू तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि यह सुझाव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से 5 मई 2025 को प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में भी शामिल था।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जाति जनगणना को नाकाम करना चाहती है। पार्टी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल 2025 को यू-टर्न लेते हुए जाति जनगणना कराने की घोषणा की थी, जबकि इससे पहले उन्होंने इसे शहरी नक्सलवादी विचार कहकर आलोचना की थी।
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