लाल किला विस्फोट मामले में जासिर बिलाल वानी को हाईकोर्ट से झटका, डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज

HIGHLIGHTS
- आरोपी ने जांच अवधि बढ़ाए जाने को बनाया था जमानत का आधार
- ट्रायल कोर्ट भी पहले याचिका खारिज कर चुका था
- एनआईए ने 14 मई को चार्जशीट दाखिल की
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में आरोपी जासिर बिलाल वानी की डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार करते हुए उसकी याचिका को नामंजूर कर दिया।
क्या है मामला?
आरोपी जासिर बिलाल वानी ने दिल्ली हाईकोर्ट में डिफॉल्ट जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उसने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से जांच की अवधि बढ़ाए जाने को जमानत का आधार बनाया था।
वानी की दलील थी कि तय समय सीमा में जांच पूरी नहीं होने के कारण उसे डिफॉल्ट जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत देने से इनकार कर दिया।
निचली अदालत ने भी खारिज की थी याचिका
हाईकोर्ट से पहले ट्रायल कोर्ट ने भी एनआईए की जांच अवधि बढ़ाने की मांग को मंजूरी दे दी थी। जांच के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट ने जासिर बिलाल वानी की डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट
इस बीच, मामले की जांच कर रही एनआईए ने 14 मई को अदालत में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल आरोपी जासिर बिलाल वानी न्यायिक हिरासत में रहेगा।
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