धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले राकेश टिकैत- छात्रों का संघर्ष रंग लाया
By Hitesh — July 25, 2026

HIGHLIGHTS
- राकेश टिकैत ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताया।
- उन्होंने पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
- टिकैत ने कहा- छात्रों का आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे वैचारिक क्रांति बताया।
Author: — Dainik Dehat
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के लंबे संघर्ष के बाद आया है।
राकेश टिकैत ने कहा कि छात्रों ने लगातार 36 दिनों तक आंदोलन किया, जिसके बाद सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा।
पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ: टिकैत
शनिवार शाम करीब 5 बजे राकेश टिकैत ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में 20 बच्चों की मौत हुई और आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया गया।
उन्होंने कहा कि अगर छात्र अपने आंदोलन पर मजबूती से डटे नहीं रहते तो केवल इस्तीफे से पहले ही उन्हें हटाने का प्रयास किया जाता।
मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजे की मांग
राकेश टिकैत ने कहा कि पेपर लीक मामले से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे छात्रों की जायज मांग बताते हुए सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
छात्रों की अन्य मांगों का भी किया समर्थन
भाकियू नेता ने आंदोलन कर रहे छात्रों की अन्य मांगों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहने की संभावना है और यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
राकेश टिकैत ने कहा कि उनकी ओर से छात्रों के आंदोलन को वैचारिक समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने इसे केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि एक वैचारिक क्रांति बताया और कहा कि इतिहास में बड़े बदलाव वैचारिक क्रांतियों के जरिए ही आए हैं।
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