रांची में विधानसभा मार्च के दौरान बवाल, छात्रों ने तोड़े बैरिकेड; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए कई बैरिकेड तोड़ दिए।
- पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाया।
- आंदोलन में JPSC-JSSC में सुधार और कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की मांग जारी है।
रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच सोमवार को झड़प हो गई। विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए कई बैरिकेड तोड़ दिए। जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम बैरिकेड पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और पुलिस ने पहले पानी की बौछार की, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई में घायल होने का दावा किया है।
पानी की बौछार के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
जगन्नाथपुर मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शनकारी पीयूष कुमार सोनी ने पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताते हुए दावा किया कि इसमें कई महिला छात्रों को भी चोटें आई हैं। वहीं, हजारीबाग से मार्च में शामिल हुए विक्रम कुमार ने सिर में चोट लगने की बात कही।
बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
विधानसभा मार्च सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे पुराने विधानसभा भवन के बाहर से शुरू हुआ। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है।
प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा और पोस्टर लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। रास्ते में लगाए गए एक के बाद एक कई बैरिकेड उन्होंने तोड़ दिए। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद छात्रों का मार्च आगे बढ़ता रहा।
एंबुलेंस से मार्च में पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो
भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर पिछले नौ दिनों से अनशन कर रहे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस के जरिए विधानसभा मार्च में पहुंचे। उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर भी नजर आई।
महतो ने विधानसभा मार्च के रास्ते में तारबंदी वाली बैरिकेडिंग लगाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ कथित अन्याय को लेकर उनमें आक्रोश बढ़ रहा है।
रांची एसपी ने क्या कहा?
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि 90 फीसदी छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कुछ छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने पुलिस की ओर से संयम बरतने की बात कही और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने तथा पत्थरबाजी से बचने की अपील की।
1500 से ज्यादा जवान तैनात
विधानसभा मार्च को देखते हुए करीब चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। निषेधाज्ञा लागू करने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, रैपिड एक्शन फोर्स, इंडियन रिजर्व बटालियन, जिला पुलिस और क्विक रिस्पांस टीम के 1,500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया था।
सरकार के 98 फीसदी मांगें मानने के दावे पर विवाद
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन गतिरोध अभी खत्म नहीं हुआ है। आखिरी दौर की वार्ता के बाद सरकार ने दावा किया था कि उसने प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं।
हालांकि, छात्रों का कहना है कि 13 परीक्षाओं को रद्द करने की उनकी मांग में से सरकार सिर्फ तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हुई है। छात्र JPSC और JSSC में व्यापक सुधार के साथ कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
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