काशी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की रिहर्सल, राफेल-तेजस के करतबों ने जीता दिल

HIGHLIGHTS
- भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर काशी में तीन दिन एयर शो आयोजित होगा।
- रिहर्सल में लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर कई हवाई करतब दिखाए।
- सूर्यकिरण टीम के विमानों और स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर ने भी प्रदर्शन किया।
वाराणसी। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को काशी में गंगा के ऊपर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो आयोजित किया जाएगा। इससे पहले सोमवार को वाराणसी के आसमान में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने रिहर्सल किया। आसमान में विमानों के रोमांचक करतब देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
रिहर्सल के दौरान राफेल की गर्जना और स्वदेशी तेजस की तेज रफ्तार ने लोगों का ध्यान खींचा। छतों पर खड़े लोग काफी देर तक इस नजारे को देखते रहे।
सुबह करीब 9:30 बजे सेना के दो हेलीकॉप्टर बारी-बारी से आसमान में दिखाई दिए। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह पिछले दिनों की तरह सामान्य उड़ान होगी। इसके बाद तेजस विमान ने तेज रफ्तार से उड़ान भरी और कुछ देर बाद वापस लौटकर करीब 10 मिनट तक हवा में कई रोमांचक करतब दिखाए। तेजस भारत में विकसित स्वदेशी, हल्का और सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है।
तेजस के बाद फ्रांस में निर्मित राफेल विमान गर्जना के साथ आसमान में पहुंचा। यह विमान हवा से हवा और जमीन पर हमला करने, परमाणु प्रतिरोध, टोही तथा जहाज-रोधी हमलों जैसे अभियानों में सक्षम है। इसके बाद सुखोई ने स्प्लिट-एस करतब दिखाया। विमान पहले उल्टा होकर नीचे की ओर आया और फिर आधा चक्कर पूरा कर सीधी दिशा में लौट गया। इसी तरह उसने ऊपर उठकर गोता लगाया और फिर सामान्य उड़ान भरते हुए आगे निकल गया।
इसके बाद सूर्यकिरण टीम के तीन विमानों ने उड़ान भरी। स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर ने कई चक्कर लगाने के बाद नमो घाट के सामने हवा में स्थिर रहकर होवरिंग की। उसका यह अंदाज ऐसा लग रहा था, मानो वह वहां मौजूद अतिथियों को सलामी दे रहा हो। इसी क्रम में सुखोई-13 और हार्वर्ड टी-6 के करतब भी देखने को मिले।
एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने भी उड़ान भरी। सभी विमान नमो घाट से आगे चंदौली की दिशा से आए और फ्लाईपास्ट करते हुए दशाश्वमेध घाट तथा अस्सी घाट के ऊपर से प्रयागराज की ओर निकल गए।
तेजस और राफेल से शुरू हुआ रिहर्सल तेजस के धुएं जैसी रेखा यानी ‘कॉन्ट्रेल’ बनाने और छह विमानों के फ्लाईपास्ट के साथ समाप्त हुआ। दोपहर 12:40 बजे शुरू हुआ अभ्यास ठीक 1:40 बजे खत्म हुआ।
अपाचे और प्रचंड हेलीकॉप्टरों ने दिखाई सधी उड़ान
अलग-अलग विमानों की उड़ान के बाद समूह में फ्लाईपास्ट का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले दो अपाचे और दो प्रचंड हेलीकॉप्टरों ने एक साथ चतुर्भुज आकार में उड़ान भरी। सामरिक युद्धाभ्यास के इस गरुड़ फॉर्मेशन के जरिए भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद भारी-भरकम चिनूक हेलीकॉप्टर नमो घाट के सामने करीब पांच मिनट तक हवा में मंडराता रहा। फिर बलखाते हुए गंगा के ऊपर से अस्सी की दिशा में निकल गया। अपाचे हेलीकॉप्टर ने भी उड़ान भरी। वहीं, तीन चेतक हेलीकॉप्टरों की एक साथ उड़ान ने लोगों को रोमांचित कर दिया।
इसी दौरान एक विमान धुआं छोड़ते हुए तेज गति से आया और पलक झपकते ही बादलों में ओझल हो गया।
तीन मालवाहक विमानों ने किया फॉर्मेशन फ्लाइंग
रिहर्सल के दौरान तीन मालवाहक विमानों ने एक साथ फॉर्मेशन फ्लाइंग की। इनमें चार इंजन वाला हरक्यूलिस और दो इंजन वाला सैन्य मालवाहक तथा सामरिक परिवहन विमान शामिल रहा। इस श्रेणी के विमान दुर्गम इलाकों, खराब हवाई पट्टियों और कम दूरी वाले रनवे पर भी उतरने तथा उड़ान भरने में सक्षम होते हैं।
इनके दोनों ओर दो इंजन वाले डोर्नियर-228 भारवाहक और बहुउद्देशीय हल्के परिवहन विमान ने साथ उड़ान भरी। भारत के स्वदेशी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान ‘नेत्रा’ के दोनों ओर सुखोई विमानों ने उड़ान भरकर डायमंड फॉर्मेशन बनाया। इसी तरह दो मिराज विमानों के बीच बोइंग विमान ने डायमंड फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
मिराज के साथ हवा में ईंधन भरने का प्रदर्शन
वायुसेना के विमानों की हवा में ईंधन भरने की क्षमता के प्रदर्शन के लिए इल्यूशिन आईएल-78 ने तीन मिराज विमानों के साथ उड़ान भरी। इस दौरान वास्तविक ईंधन नहीं भरा गया, लेकिन इस प्रदर्शन ने भारत की तकनीकी क्षमता का परिचय दिया। चारों विमान काफी ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए आगे निकल गए।
मिश्रित फॉर्मेशन में दिखी भारतीय वायुसेना की ताकत
रिहर्सल के दौरान छह विमानों ने एक साथ फ्लाईपास्ट किया। इसे मिश्रित फॉर्मेशन या कॉम्बैट फॉर्मेशन कहा जाता है। इसमें तेजस, सुखोई, जगुआर, राफेल और मिग-29 जैसे विमान शामिल रहे। विमानों की एक साथ उड़ान ने भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमता का प्रदर्शन किया।
एयर शो को लेकर तैयारियां तेज
21 अक्टूबर को पूरी तैयारी के साथ ड्रिल की जाएगी।
22 अक्टूबर को स्कूली बच्चों को एयर शो देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।
24 अक्टूबर को आम लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।
25 अक्टूबर को नमो घाट पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री समेत 4,000 वीआईपी के मौजूद रहने की योजना है।
एयर शो दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक आयोजित होगा।
गंगा किनारे के घाटों को 21 सेक्टर और गंगा पार की रेती को 10 सेक्टर में बांटा गया है।
नमो घाट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) स्थापित किया गया है।
एयर शो के लिए 2,000 जवान काशी पहुंच चुके हैं।
आयोजन के मद्देनजर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक विमानों का संचालन बंद रहेगा।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड सुरक्षित रखे जाएंगे।
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